फोटो 05 एमएएचपी 12 परिचय-बांध में अतिरिक्त पानी आने से आसपास के खेतों में भरा पानी व डूबी फसल।
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श्रीनगर (महोबा)। विकासखंड कबरई के पिपरामाफ गांव में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश परेशानी का सबब बन गई। 400 एकड़ जमीन में बोई गई खरीफ फसल उर्मिल बांध के पानी में डूब गई। इससे करीब 200 किसान प्रभावित हुए हैं। फसल बर्बाद होने से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा गया है।
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध सिंचाई विभाग महोबा के अधीन आता है। इस वर्ष अत्यधिक बारिश होने से उर्मिल बांध लबालब हो गया है। सिंचाई विभाग की ओर से डूब क्षेत्र की करीब 400 एकड़ जमीन पर किसानों के पट्टे किए गए हैं। किसानों ने खेतों में उड़द, मूंग और तिल की फसल बोई थी लेकिन बारिश ज्यादा होने से बांध पूरी तरह लबालब हो गया। ऐसे में सिंचाई विभाग को दो बार बांध के फाटक खोलकर पानी की डिस्चार्ज करना पड़ा। बांध का पानी डूब क्षेत्र में भी पहुंच गया। इससे करीब 200 किसानों की फसल पानी में डूब गई। किसानों के सामने अब परिवार के भरण-पोषण का संकट पैदा हो गया है। परेशान किसानों ने प्रशासन से मुआवजा की मांग की है।
सिंचाई प्रखंड महोबा के सींचपाल राजेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश में उर्मिल बांध भर जाता है। इसके बाद भी किसान खरीफ फसल की बोआई कर देते हैं जबकि जो भी पट्टे दिए जाते हैं वह रबी सीजन की फसल के लिए दिए जाते हैं। विभाग की ओर से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान नहीं है।