एसबीआई से किसानों के नीलाम किए गए ट्रैक्टरों की नीलामी निरस्त किए जाने
से किसानों के चेहरों पर खुशी दौड़ गई। ट्रैक्टर खिंचने से मायूस किसानों
ने अमर उजाला का धन्यवाद देते हुए मिठाई बांटी और रंग गुलाल लगाकर होली
मनाई।
बीती 13 अप्रैल को भारतीय स्टेट बैंक के जोनल आफिस इलाहाबाद ने
मंडल के 18 किसानों के ट्रैक्टर ई-नीलामी के जरिए बेच दिए थे। इस खबर को 14
अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद
नीलाम हुए ट्रैक्टरों के मालिकानों से जब संपर्क किया गया तो ऐसे किसान भी
मिले। जिन्होंने बैंक का कर्ज अदा कर दिया था और उन्हें सिर्फ फ्रेंचाइजी
के रखरखाव के नाम पर मनमाना पैसा वसूलने के लिए उनके ट्रैक्टरों को नीलाम
कर दिया गया। जिसमें एक किसान चिचारा गांव का विजय सिंह भी था।
लेकिन अमर
उजाला की मुहिम ने रंग दिखाया और भारतीय स्टेट बैंक को नीलामी निरस्त करनी
पड़ी। इस प्रक्रिया में जिलाधिकारी संध्या तिवारी व मंडलायुक्त कल्पना
अवस्थी का अहम किरदार रहा। नीलामी निरस्त होने की खबर किसानों ने अमर उजाला
में पढ़ी तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पडे़।
वहीं कुछ किसानों ने
त्यौहारों की तरीके इस दिन को मनाया। शुक्रवार की दोपहर चिचारा गांव में जब
अमर उजाला की टीम पहुंची तो वहां का नजारा ही कुछ और था। विजय सिंह के
दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लगी थी। वह एक दूसरे पर रंग गुलाल उड़ाकर होली
मना रहे थे।
इसके साथ ही मिठाई बांटकर एक दूसरे का मुंह मीठा कर रहे थे।
अमर उजाला रिपोर्टर ने जब उससे पूंछा तो किसान ने कहा कि वह अमर उजाला का
धन्यवाद देते है कि किसानों की छोटी से लेकर बड़ी खबर को प्रमुखता से
प्रकाशित करता है और आज उसी की देन है कि किसानों के नीलाम ट्रैक्टर उन्हें
मिलने की उम्मीद जग गई है।
इसी तरह गुढ़ा निवासी किसान देवेंद्र सिंह
सपरिवार खुशी में मस्त था। उसका कहना था कि ट्रैक्टर वापस मिलने से जान
गवां बैठे बेटे का दर्द कुछ कम हो जाएगा।