कसबे के रहमानियां के निकट आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने कम खर्च कर फसलों में अधिक पैदावार लेने की जानकारी दी।
भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग की द्वितीय इकाई ने किसान गोष्ठी/प्रशिक्षण का आयोजन किया। इसमें कृषि वैज्ञानिक अरविंद तिवारी ने किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार की तकनीक बताई। बताया कि सबसे पहला कार्य खेत की मिट्टी का परीक्षण कर उसके स्वास्थ्य की स्थिति जाननी होगी।
खेत में किन पौष्टिक तत्वों की कमी है। उसको पूरा करने के साथ कम से कम उर्वरकाें का प्रयोग तथा बीज शोधन कार्य की तकनीकी जानना आवश्यक है। बीज शोधन के लिए सीरम/ कैप्टान का प्रयोग करने की आवश्यकता होती है तथा जैविक विधि से बीज शोधन अधिक सस्ता और सुलभ होता है।
बीज शोधन के लिए पांच किलो गोबर व पांच किलो गौमूत्र, 100 ग्राम खेत की मिट्टी तथा 50 ग्राम चूना मिलाकर बीज का उपचार करने से विषाणु जनित बीमारियों को रोका जा सकता है।
इस अवसर पर जिला मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के ज्ञानप्रकाश ने मृदा परीक्षण के लिए तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। गोष्ठी में कृषक कलीमुल्ला, रुस्तम खां, शबीर, महमूद अहमद, कबीरुद्दीन सिद्दीकी, जब्बार अहमद, गयादीन, अवधेश, सुजाऊद्दीन आदि मौजूद रहे।