किशोरी को बहला
फुसलाकर भगा ले जाने के शक को लेकर गांव सिमरिया गौसू में दलित के घर पर
हुई तोड़फोड़ व मारपीट की घटना के बाद भयभीत दलित महिलाएं गांव से पलायन कर
गईं। गांव में दहशत के चलते दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। वहीं आरोपी
गूर्जर बिरादरी के लोग घटना के बाद से फरार हैं। गांव में शांति व सुरक्षा
के दृष्टिकोण से दूसरे दिन भी पुलिस बल तैनात रहा।
किशोरी को भगा ले
जाने के शक पर शुक्रवार को कुछ लोगों ने गांव सिमरिया गौसू निवासी दलित
सोहनलाल के घर पर धावा बोल दिया था। घर में मौजूद परिवार के सभी सदस्यों की
जमकर पिटाई की तथा तोड़फोड़ करने के साथ घर में रखा सामान तक फेंक दिया
था। हमले में महिलाओं समेत पांच लोग घायल हुए थे।
घटना के बाद से गांव में
व्याप्त दहशत व तनाव का माहौल दूसरे दिन भी बना रहा। भयभीत दलित महिलाएं
अपने बच्चों व पुत्रियों के साथ गांव से पलायन कर गई। अन्य लोग भी अपने
घरों में दुबके रहे हैं। दलितों का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग लड़कियों
व महिलाओं की आबरू लूटने की धमकी दे रहें हैं।
उधर मारपीट, तोड़फोड़ के
मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस दूसरे दिन भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
जिसके चलते दलित परिवार के लोगों के दिलों से दहशत नहीं निकल सकी है। गांव
में सन्नाटा पसरा हुआ है, जो लोग घरों पर मौजूद हैं वह भी बंद दरवाजे खोलने
से घबरा रहे हैं। शांति व सुरक्षा के लिहाज से दूसरे दिन भी गांव में एक
दरोगा व पांच सिपाही तैनात रहें।
पिता-पुत्र समेत चार पर किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट
गांव
सिमरिया गौसू में तोड़फोड़ व मारपीट के मामले में पुलिस ने हमला करने के
आरोपी की ओर से पीड़ित दलित विजय कुमार, उसके पिता सोहनलाल, रामप्रकाश व
यशपाल के खिलाफ किशोरी को घर से अपहरण कर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी 10 मार्च को उसकी 16 वर्षीय पुत्री
को घर के अंदर से अगवा कर ले गए थे।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
दलित
के घर हमला कर तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने सोहनलाल की ओर से 22 नामजद व
40-50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने गौरव, प्रेमपाल व
सुंदरलाल को गिरफ्तार कर चालान भेजा था, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घरों पर दबिशें दीं, लेकिन आरोपी
घरों पर नहीं मिले।
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गांव में पुलिस तैनात है। पीड़ित परिवार की
महिलाओं के पलायन की सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि वह अपनी रिश्तेदारी
में गईं हैं। डर की वजह से महिलाएं घर छोड़ गईं, यह कहना गलत है।
शमशाद अली, एसओ