कुनहेटा गांव में बिजली पानी न मिलने से त्रस्त ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह मौदहा मुस्करा मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल अधिकारियों के पास पहुंची। अधिकारियों को देखते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। बाद में एसडीएम के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोला। पांच घंटे तक लगे जाम से वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
कुनहेटा गांव लंबे समय से पानी के संकट से जूझ रहा है। वैसे तो गांव में 78 हैंडपंप लगे है। लेकिन इन सभी से खारा पानी निकलता है। जबकि मीठा पानी देने वाले हैंडपंप रिबोर का इंतजार कर रहे हैं।
पानी की टंकी जीर्णशीर्ण है तथा आधे से कम गांव तक पाइप लाइनें डाली गई हैं। पाइप लाइनों के अक्सर टूटने से पानी संकट चरम पर है। शुक्रवार को बिजली-पानी समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सुबह 7 बजे मौदहा मुस्करा मार्ग पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों की मांग थी कि बिजली विभाग के जेई को निलंबित कर बिजली बहाली के साथ ही पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। ज्ञात हो कि बीते दिनों आंधी से बिजली की लाइनें ध्वस्त होने पर ग्रामीणों का मोबाइल पर जेई से विवाद हुआ था,
जिससे ग्रामीण और गुस्से में थे। जाम की सूचना पाकर अधिकारियों के साथ एसडीएम पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। घंटों जद्दोजहद के बाद दोपहर 12 बजे एसडीएम ने जेई को हटाने व जलनिगम के अफसरों को मौके पर बुलाकर बिजली व पानी आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाम खुल सका।
करीब पांच घंटे तक चले इस जाम में दूर दराज के यात्री भी फंसे रहे। फिर उपजिलाधिकारी ने गांव के स्कूल में अधिकारियों को बुलाकर ग्रामीणों की समस्याओं के निदान के लिए योजना तैयार कराई।
उन्होंने जलनिगम के अवर अभियंता को गांव में रुककर पेयजल योजना चालू करने का निर्देश दिया। जल निगम के सहायक अभियंता व अवर अभियंता ने बताया कि इस गांव की पाइप लाइन विस्तार के लिए 26 लाख रुपये की मांग पत्र लिखा गया है।