घटना की जानकारी देती पीड़िता लक्ष्मी निषाद।
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मुख्यालय के तहसील तिराहे पर सब्जी बेचने का धंघा करने वाली महिला रविवार को दिन दहाड़े टप्पेबाजी का शिकार हो गई। तीन टप्पेबाजों ने पति की अकाल मृत्यु टालने के लिए पूजन का झांसा देकर उससे घर से सोने चांदी के जेवरात व दो लाख रुपये नकदी मंगवा लिया। माल लेकर टप्पेबाज फरार हो गए।
पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर दी है। मुख्यालय के पुराना बेतवा घाट निवासी लक्षी निषाद (60) अपने पति सियाराम के साथ तहसील तिराहे में सब्जी की दुकान लगाती है। नि:संतान होने के चलते घर में अकेले रहते हैं। रविवार दोपहर लक्षी टप्पेबाजी का शिकार हो गई। उसने थाने में दी तहरीर में बताया कि वह
दोपहर करीब 12 बजे पति को घर से खाना देने दुकान जा रही थी। तभी रास्ते में तीन युवक मिले जिनमे एक कर्मकांडी पंडित बता रहा था। उसने कहा कि तुम्हारे कोई संतान नहीं है। उसकी यह बात सुन वह हैरत में आ गई। फिर उसने कहा कि उसके पति की अकाल मृत्यु का योग है। उसे टालने के लिए पूजन
करना पडे़ेगा। इसके लिए घर में रखे सभी जेवरात व नकदी लेकर अस्पताल के निकट आ जाए। उनकी बातों में आकर वह वापस घर लौट गई और पति का खाना अपनी बहन के बेटे के हाथाें भेज दिया। घर पहुंच उसने आठ तोला सोने व दो किलो चांदी के जेवरात के साथ घर में रखे दो लाख रुपये नकदी लेकर
अस्पताल के निकट उनके बताए स्थान पर पहुंच गई। इस पर टप्पेबाज उसे अस्पताल के आवासो के निकट लगे बरगद के पेड़ के नीचे ले गए। जहां उसे पंडित बने युवक ने पूजन शुरू करने को कहा और कहा बैग बगल में रखकर भगवान का ध्यान करे। जिस पर वह उनके बताए अनुसार करने लगी। जैसे ही उसने
ध्यान लगाया। वह बैग लेकर चंपत हो गए। आंखें खुलने पर वहां कोई नहीं मिला। इस पर वह महिला रोने चिल्लाने लगी। शोर सुन आसपास के लोग एकत्र हो गए। सभी से महिला ने आप बीती बताई। बाद मेें महिला ने कोतवाली में तहरीर दी है।