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कन्या भ्रूण हत्या है महापाप

Wed, 28 Jan 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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मुख्यालय के कोषागार कार्यालय पास स्थित नर्मदेहर मंदिर परिसर में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन संत सुश्री वर्षा नागर ने भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बाल गोपाल का वर्णन किया। साथ ही प्रकृति का मनुष्य जीवन में महत्व बताया। वहीं उन्होंने एक कन्या की भ्रूण में हत्या करना एक हजार ब्राह्मणों के बराबर हत्या करना बताया।
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भागवताचार्य ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की गोवर्धन पूजा का अर्थ प्रकृति प्रेम से बताया। भागवताचार्य ने कन्या भ्रूण हत्या को महापाप बताते हुए कहा कि कन्या की गर्भ में हत्या करना एक हजार ब्राह्मणों की हत्या करने के बराबर है। कहा कि भ्रूण हत्या के विचार को ही एक हजार गौ हत्या के समान माना गया है।

कहा कि माताएं पुत्र की चाहत में गर्भ में पल रही निर्दोष देवी स्वरूप कन्या की हत्या करवाती है। वह तो मां शब्द की भी हकदार नही है। संत ने कहा कि यदि प्रत्येक माता ऐसी होती तो हम और आप लोग इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, मीराबाई जैसी वीरांगनाओं को नही देख पाते।
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इसी के साथ संत ने कथा के माध्यम से भक्तों को गोक ुल की गलियों व ग्वालों और गोपियों का अहसास करा दिया। कथा के बाद महाआरती फिर प्रसाद वितरण हुआ।
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