खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। समितियों में खाद
आने से सूचना से ही हजारों किसान पहुंच जाते हैं। बुधवार को खाद लेने को
बड़ी संख्या में किसान क्रय विक्रय समिति पहुंचे।
खाद न मिलती देख
किसान हंगामा करने लगे। इस पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में
किसानों को खाद दी गई। उधर, क्षेत्रीय सहकारी समिति में सिर्फ खाताधारकों
को ही खाद दी जा रही है। किसानों का आरोप है कि खाताधारकों की आड़ में खाद
की कालाबाजारी की जा रही है।
मंगलवार को क्रय विक्रय सहकारी समिति
में एक हजार बोरी, क्षेत्रीय सहकारी समिति सुमेरपुर में एक हजार, पीसीएफ
सेवा केंद्र में 600 बोरी खाद आई थी।
पीसीएफ केंद्र प्रभारी
शिवसिंह कुशवाहा ने मंगलवार को ही खाद वितरित कर दी, जबकि क्षेेत्रीय
सहकारी व क्रय विक्रय में बुधवार को खाद बांटने का निर्णय लिया गया।
बुधवार
को सुबह से ही इन केंद्रों पर खाद लेने को सैकड़ों किसान आ गए। क्रय
विक्रय समिति के सचिव जेपी त्रिपाठी और अध्यक्ष सुनील सिंह ने किसानों को
नगद खाद बांटना शुरू किया। थोड़ी ही देर में किसान हंगामा करने लगे। इस पर
सचिव ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने खाद का वितरण
कराया। उधर, क्षेत्रीय सहकारी समिति के सचिव द्वारा खाद न बांटने पर
किसानों में खासा आक्रोश रहा।
उध्ार, कुरारा पीसीएफ केंद्र में खाद
आने की खबर लगते ही सुबह से किसानों की भीड़ जमा हो गई। किसानों का हंगामा
देख केंद्र प्रभारी ने पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया।
क्षेत्र
की आधा दर्जन साधन सहकारी समितियों में यूरिया खाद दो सप्ताह से नहीं है।
इससे किसान प्राइवेट डीलरों से महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं। पीसीएफ
कृषक सेवा केंद्र में 25 टन यूरिया खाद आने की खबर पर किसान मंडी समिति
स्थित संचालित केंद्र में सुबह से पहुंच गए। खाद को लेकर लंबी लाइन लगाकर
खड़े हो गए।
इस बीच कुछ किसानों ने खाद वितरण में हंगामा शुरू कर
दिया। इस पर केंद्र प्रभारी जितेंद्र कुशवाहा ने पुलिस बुला ली। पुलिस की
मौजूदगी में दो-दो बोरी खाद ही बांटी। पीसीएफ प्रभारी ने बताया कि 500
बोरी खाद केंद्र को मिली थी। किसानों की भीड़ ज्यादा होने से दो-दो बोरी
खाद नगद दी गई है।