मुख्यालय के बस स्टैंड पर तो जाम से जूझना तो रोज की बात है। इस जाम में
भारी वाहन चालक जितने दोषी हैं, उतनी ही दोषी यातायात पुलिस भी है। नो
इंट्री के समय भारी वाहनों को यातायात पुलिस निकालने से परहेज नहीं कर रही
है।
कोतवाली पुलिस ने वाहनों पर लगाम लगाने का अभियान छेड़ रखा है। साथ
ही रोडवेज बस चालक भी अपनी मनमानी पर उतारू हैं।
बसों पर यात्रियों को बस
स्टैंड के अंदर से न बैठाकर महिला डिग्री कालेज के गेट या दूसरी तरफ
कलेक्ट्रेट गेट के निकट बैठाया जाता है। ऐसे में जाम लगना स्वाभाविक है।
अमन शहीद से लेकर रानी लक्ष्मीबाई तिराहे तक कई कालेज हैं। इसी मार्ग में
कलक्ट्रेट, जजी, बैंकें व अन्य सरकारी कार्यालय हैं। लक्ष्मीबाई से लेकर
कालपी चौराहा तक व्यस्ततम मार्ग होने से आए दिन दुर्घटनाएं होने का खतरा
रहता है।
इस मार्ग पर उच्चाधिकारियों के वाहन भी दिन भर दौड़ते हैं।
भीड़भाड़ वाले इस मार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुबह 8 से रात 8 बजे
तक नो इंट्री लगाई गई है। यह नो इंट्री कई साल से जारी है।
नो इंट्री काफी
हद तक इस मार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर साबित हुई है।
मगर इन
दिनों स्कूल कालेजों के समय नो इंट्री की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही
हैं और दिन में भी खाली व मौरंग भरे भारी वाहन प्रतिबंधित मार्ग में बेखौफ
होकर निकल रहे हैं।
जिससे बस स्टैंड के आसपास दिन भर जाम की स्थिति बनी
रहती है। इस जाम के पीछे रोडवेज के चालक भी कम दोषी नहीं है। कोतवाल
पीके यादव ने कहा कि नो इंट्री का शहर के अंदर पालन कराया जाएगा। भारी
वाहनों की धरपकड़ जारी है। अभी सात भारी वाहनों पर कार्रवाई की है। 13 हजार
रुपये का जुर्माना वसूल किया है। यातायात पुलिस को नो इंट्री का पालन
कराना है।