विकास कार्याें की समीक्षा बैठक में जिला उद्यान अधिकारी नहीं आए। इस पर
डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के
निर्देश दिए है।
साथ ही मनरेगा की फीडिंग न करने पर बीडीओ राठ को
प्रतिकूल प्रविष्टि और एपीओ मनरेगा चंद्रा वर्मा की संविदा समाप्त करने के
निर्देश दिए। इसके अलावा सीवीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश
दिए। गुसियारी गांव की पानी की टंकी जीर्णशीर्ण होने पर फिर आंकलन रिपोर्ट
भेजने को कहा।
डीएम संध्या तिवारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट
सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी
नहीं पहुचे। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ उप निरीक्षक राजकुमार वर्मा को बैठक
में भेजा। वरिष्ठ उप निरीक्षक बैठक में संबंधित बिंदुओं की जानकारी नहीं दे
पाए।
समीक्षा बैठक में मनरेगा की फीडिंग न होने पर बीडीओ राठ
तुलसीराम को प्रतिकूल प्रविष्टि और एपीओ मनरेगा चंद्रा वर्मा की संविदा
समाप्त करने के निर्देश दिए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.
नेमीचंद्र मुर्गी पालन में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। प्रगति शून्य होने के
कारण तीन माह से कोई भी टेंडर प्रक्रिया की विज्ञप्ति नहीं निकाली जा सकी।
इस पर डॉ. नेमीचंद्र को दो बार अलग-अलग प्रतिकूल प्रविष्टि देने
के निर्देश दिए गए। मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एससी पांडेय
द्वारा नहरों की सफाई न कराने और बुंदेलखंड पैकेज के 22 करोड़ के सापेक्ष
12 करोड़ रुपये ही खर्च करना पाया गया।
इस पर डीएम ने इनके विरुद्ध
प्रमुख सचिव सिंचाई को कार्रवाई किए जाने को पत्र लिखा। डीएम ने कहा कि यह
प्रथा जिले में गलत है कि जिला स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थों को मासिक
बैठकों में भेजते हैं। कहा कि दोबारा ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
गुसियारी
गांव में जलनिगम की पानी की टंकी है, जो जीर्णशीर्ण है। उसे निष्प्रोज्य
कर पुन: आंकलन भेजा जाए। डीएम ने कहा कि लोहिया गांव में जो गलियां बनाई जा
रही है, उनके नंबर लिखे जाएं ताकि सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रहे। बैठक में
सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, पीडी डीआरडीए व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।