फसलों में आई तबाही को लेकर मंगलवार को पूरे दिन किसान प्रदर्शन करते रहे।
जिले के बस स्टैंड पर किसानों ने जाम लगाया तो मौदहा में बड़े चौराहे पर
हाइवे में जाम लगाकर विरोध जताया। वहीं राठ में कैथा गांव के पास महोबा
मार्ग पर जाम लगाया। वहीं राजस्व विभाग के लेखपाल फसलों में हुए नुकसान का
सर्वे करने में जुटे रहे। राठ में फसल देखने गए एक किसान की सदमे से खेत
में ही मौत हो गई।
बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलो को लेकर कुरारा
विकासखंड के भौली गांव के बलकरन सिंह, शिवबहादुर, मनोज, शिवलाल सैनी,
कृपाशंकर, बालेद्र सहित अन्य किसानों ने तहसील दिवस में दिए शिकायती पत्र
दिया।
कहा कि बीते वर्ष हुई ओलावृष्टि के कारण उनकी फसलें क्षतिग्रस्त हो
गई थी, जिस पर लेखपाल ने सही सर्वे नहीं किया, जिससे उन्हें मुआवजा नही
दिया गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत की अगुवाई में बस स्टाप
तिराहे के पास जाम लगाया। कोतवाल पीके यादव ने किसानों का समझा बुझाकर जाम
खुलवाया। इस मौके पर भाकि यू की महिला जिलाध्यक्ष विशेखा राजपूत, अनुज
सिंह, दीपक, लखपत सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार
फसलों की बर्बादी को लेकर भाकियू के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग
कानपुर सागर जाम कर दिया। बाद में उपजिलाधिकारी व सीओ ने किसानों की
समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए जाम खुलवाया।
सैकड़ों किसानों ने
लाही, गेहूं, चना, मटर, मसूर आदि फसलों को लेकर पहले तहसील दिवस के सामने
प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी प्रवीणा अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह
भी मौके पर पहुंच गए।
समझाने पर किसानों ने आधा घंटे तक चले जाम को हटाया।
इस दौरान भाकियू के कबीरू द्दीन, चौधरी इफ्तखार अहमद, मोतीलाल, नईमुद्दीन,
रामबाबू सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।