यमुना पुल की क्षतिग्रस्त स्लैब की तुड़ाई का कार्य पीनएसी के कर्मचारियों
ने शुक्रवार की शाम से शुरू कर दिया। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर
अस्थाई ओवरब्रिज बनाने का कार्य भी शुरू हो गया। तुड़ाई कार्य पूरा होते ही
इससे हल्के वाहनों को निकलने दिया जाएगा। ओवरब्रिज बनते ही बसों की
आवाजाही पर रोक लगा दी जाएगी।
ज्ञात हो कि 19 जून की रात हाइवे पर यमुना
पुल की कोठी नंबर तीन की स्लैब धंसने से आवागमन रोक दिया गया था, इसमें दो
बीमे क्रेक मिलीं। इस कारण करीब 12 दिन तक पुल से भारी वाहनों पर रोक रही।
तेरहवें दिन 1 जुलाई की दोपहर करीब 2 बजे से भारी वाहनाें के लिए पुल खोला
गया पर मात्र 24 घंटे ही पुल पर भारी वाहन गुजर सके और यमुना पुल की दूसरी
कोठी की स्लैब एक बार फिर दगा दे गई।
निर्माण इकाई पीएनसी के इंजीनियरों
ने जांच में पाया कि कोठी नंबर 8 व 9 के बीच रखी बीम क्रेक हो गई है। इसके
चलते गुरुवार रात से ही पुल के ऊपर से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा
दी गई।
शुक्रवार को दिन भर पीएनसी के इंजीनियर पुल की जांच करने में लगे
रहे। बार-बार यमुना पुल के क्षतिग्रस्त होने का कारण इंजीनियर ओवरलोड
वाहनों का निकलना बता रहे हैं।
शुक्रवार की दोपहर क्षतिग्रस्त हुए हिस्से
पर कर्मचारियों ने ग्रिल मशीन के जरिए तुड़ाई का कार्य शुरू कर दिया है।
साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर ओवरब्रिज बनाने का भी काम शुरू कर दिया
है।
ताकि पुल से हल्के वाहनों की आवाजाही अनवरत जारी रहे। पीएनसी के अवर
अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि कोठी नंबर 8 व 9 के बीच एक बीम क्रेक हुई
है। जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
बताया कि अभी
क्षतिग्रस्त हिस्से की तुड़ाई का कार्य शुरू कराया गया है। दो दिन में यह
कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कराया
जाएगा।
बताया कि दो दिन बाद बसों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाएगी।
सिर्फ हल्के वाहनों की ही आवाजाही ओवरफ्लाई से की जाएगी। इससे जनमानस को
परेशानी नहीं होगी, साथ उनका मरम्मत कार्य में कोई व्यवधान नहीं होगा।