बरसात के पूर्व भरुआसुमेरपुर कस्बे के नालों की सफाई हरहाल में कराना
आवश्यक है। लेकिन अभी तक नगर के 17 नालों में सिर्फ 8 की ही सफाई हो सकी
है। नगर पंचायत की टीम नाला सफाई अभियान में जुटी हुई है। लेकिन अगर इस बीच
तेज बारिश हो गई तो लोगों को जल भराव की समस्या से जूझना पडे़गा।
जलनिकासी
के कुल 17 नालों की लंबाई 7400 मीटर हैं। शासनादेश के मुताबिक 15 जून तक
सभी नालों की सफाई हरहाल में हो जानी चाहिए।
लेकिन नगर पंचायत में अधिशाषी
अधिकारी की तैनाती न होने से कार्य में ढिलाई बरती गई। लेकिन जबसे नई
अधिशाषी अधिकारी नीतू सिंह ने पदभार ग्रहण किया है तो नालों की सफाई का
अभियान शुरू करा दिया गया है।
अभी तक 17 नालों में 8 की सफाई की जा चुकी
है। जबकि एक अधूरा हैं। नगरवासियों ने बरसात के पहले सभी नालों की सफाई किए
जाने की मांग की है।
मनोनीत
सभासद राजेंद्र निगम का कहना है कि नालों की सफाई में तेजी लानी चाहिए।
अगर सफाई कर्मियों की संख्या कम है तो उनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। ताकि
बरसात के पहले नाले साफ हो सकें।
कस्बे
के सामाजिक कार्यकर्ता संजय त्रिपाठी का कहना है कि नगर पंचायत नालों की
सफाई में शासनादेशों का खुला उल्लंघन करता है। 15 जून बीत जाने के बाद भी
अभी तक नालों की सफाई पूर्ण नहीं की गई।
युवा
व्यापार मंडल के अध्यक्ष सौरभ द्विवेदी का कहना है कि कस्बे के सभी बड़े
नालों की सफाई होना जरूरी है। ग्रीन लॉज से बेनी बाबू के मकान तक व भोला
शंकर के मकान से रामऔतार अंडे वाले के पास तक नाले की सफाई होना आवश्यक है।
क्योंकि इसमें काफी दूर तक का पानी आता है।
अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत नीतू सिंह ने कहा कि नालों की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की पूरी टीम लगा दी गई है। कस्बे के सभी
नालों को अतिशीघ्र साफ कर दिया जाएगा। सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट भी
उपलब्ध करा दी गई है।