मनरेगा में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। फिलहाल सीबीआई के अधिकारी सरीला ब्लाक के बिलगांव में मनरेगा से करीब 60 लाख रुपये से बनाए गए संपर्क का निरीक्षण कर ग्रामीणों के बयान दर्ज कर चुके है। वहीं गुरुवार को सीबीआई टीम पूरे दिन विकास भवन में अभिलेख खंगालने में जुटी रही। इस कार्रवाई से मनरेगा में धांधली करने वाले प्रधानों, सचिव व अधिकारियों में खासी दहशत देखी गई।
बीते 2007 से 2010 तक मनरेगा से हुए कार्यों में जमकर धांधली की गई। इस योजना में आंख मूंदकर करोड़ों रुपये के वारे न्यारे किए गए है। मनरेगा की धांधली प्रदेश के कई जिलों में उजागर हुई। इसके बाद राजनैतिक दलों में खासकर कांग्रेस और भाजपा ने खासी हल्ला मचाया। फिलहाल पूरे प्रदेश भर में मनरेगा के कार्यों की जांच जारी है।
इसी के चलते बुधवार को सीबीआई के गौरव सोम के नेतृत्व में एमबी सिंह सहित तीन सदस्यीय टीम जिले में आ गई। गुपचुप तरीके से आए सीबीआई के अधिकारी सरीला ब्लाक के बिलगांव ग्राम पंचायत पहुंचे। इस ग्राम पंचायत में संपर्क मार्ग निर्माण कराया गया है। इसके लिए पहले 40 लाख रुपये कीमत का स्टीमेट तैयार किया गया,
लेकिन बाद में बढ़ाकर 60 लाख कर दिया गया। गांव पहुंची सीबीआई टीम ने करीब 50 ग्रामीणों से संपर्क मार्ग निर्माण की जानकारी के बाद बयान दर्ज किए। इसी तरह जिले में मनरेगा से अन्य तमाम विकास कार्यों में लाखों की धनराशि खर्च की गई है। बीते करीब 5 वर्ष पूर्व मनरेगा से कराए गए कार्यों में जमकर अनियमितताएं हुई है।
इन्हीं कार्यों में 40 लाख की लागत से अधिक के कार्यों की सीबीआई टीम जांच कर रही है। फिलहाल बीते पंचायत चुनावों में चुने गए प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव सहित अधिकारी मनरेगा में हुए घोटाले की गिरफ्त में आएंगे। गुरुवार को सीबीआई की टीम पूरे दिन विकास भवन में ही बैठकर अभिलेख पलटती रही।
वहीं जिले में सीबीआई के डेरा डालने से घोटाला करने वाले प्रधानों, सचिवों और अधिकारियों में खासी दहशत देखी गई। मुख्य विकास अधिकारी एबी सिंह ने कहा कि सीबीआई की टीम 40 लाख से ऊपर के कार्यों को देख रही है।