सरकारी विभागों में किए गए आकस्मिक निरीक्षणों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही की पोल खोल दी। जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार को एडीएम और सीडीओ ने 33 विभागों को चेक किया तो 63 कर्मचारी नदारत मिले। गैरहाजिर कर्मियों से तीन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने विकास भवन स्थित 12 विभिन्न विभागों का आकस्मिक निरीक्षण किया। ग्रामीण पेयजल मिशन में दो, राष्ट्रीय आजीविका मिशन में एक, नेडा में दो, जिला सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय में तीन, जिला पंचायत राज अधिकारी में एक, भूमि संरक्षण इकाई में एक, युवा कल्याण में एक, समाज कल्याण में 1, कृषि रक्षा में एक, आरईएस में 5, ग्राम्य विकास अभिकरण में दो, जिला समाज कल्याण विकास में एक कर्मी नदारत मिला।
इसी तरह अपर जिलाधिकारी ने 20 विभागों में निरीक्षण में पाया कि जलनिगम में 9, लेखा परीक्षा में दो, खाद्य विपणन में दो, मुख्य चिकित्सा में चार, भूमि संरक्षण में एक, बेसिक शिक्षा में छह, डीआईओएस कार्यालय में एक, उद्यान में पांच, लोनिवि के प्रांतीयखंड में पांच, निर्माणखंड एक में तीन व निर्माणखंड दो में दो कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
जबकि बांट माप विभाग में ताला लटकता मिला। अपर जिलाधिकारी डा.राजेश कुमार प्रजापति ने तीन दिन में अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं एसडीएम को लघु सिंचाई विभाग के निरीक्षण में अधिशाषी अभियंता टीए फारुखी नहीं मिले। कर्मचारियों ने बताया कि वह बीते 21 जनवरी को किसी प्रकरण में उच्च न्यायालय गए हैं।