केंद्र सरकार द्वारा फरवरी में जारी किए गए आम बजट में एक लाख रुपये से
अधिक की ज्वैलरी खरीद पर पैनकार्ड की अनिवार्यता किए जाने को लेकर सर्राफा
व्यवसाइयों में रोष है। शुक्रवार को मुख्यालय का सर्राफा बाजार पूरी तरह से
बंद रहा। व्यवसाइयों ने सुभाष बाजार से जुलूस निकालकर नारेबाजी की और
कलेक्ट्रेट जाकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
हमीरपुर सर्राफा एसोसिएशन
के सदस्यों ने बताया कि एक लाख की ज्वैलरी खरीद पर पैनकार्ड की अनिवार्यता
किया जाना अव्यवहारिक है। कहा कि भारत कृषि प्रधान देश होने के कारण
अधिकांश किसानों के पास पैनकार्ड नहीं है। महिलाएं छोटी छोटी बचत कर बच्चों
के भविष्य के लिए जेवरात खरीदती हैं। ऐसे में पैनकार्ड घातक सिद्ध होगा।
व्यापारियों ने कहा कि पैनकार्ड की अनिवार्यता से व्यवसाय प्रभावित होगा और
इससे काला धन रोक पाना संभव नही है। बल्कि तस्करी को बढ़ावा मिलेगा। बताया
कि इस धंधे में लाखों लोग कारीगरी कर अपनी जीविका चलाते हैं। इस
अनिवार्यता से कारीगर बेरोजगार हो जाएंगे।
इसके विरोध में मुख्यालय के
सर्राफा व्यवसाइयों ने सुभाष बाजार से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया और
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। केंद्रीय वित्तमंत्री को संबोधित
ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन देते समय एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक
कुमार, महामंत्री संजय गुप्ता, कोषाध्यक्ष मुकेश ओमर, उपाध्यक्ष नूर
मोहम्मद, संतोष गुप्ता, आशीष सोनी, राकेश साहू, सुनील गुप्ता, अमित सोनी,
राजकुमार, मोहम्मद कलीम, प्रेमचंद्र, सुरेंद्र, रमेश सोनी, धर्मेंद्र सोनी,
अंशू सोनी आदि मौजूद रहे।