हमीरपुर। मौदहा कोतवाली के करहिया गांव में करीब पांच साल पूर्व जमीन के लालच में चाचा की धारदार हथियारों से हुई हत्या के मामले में मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) राधेश्याम यादव की अदालत ने आरोपी भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड के एक अभियुक्त की मुकदमा के दौरान मौत हो चुकी है।
शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया 26 अगस्त 2013 को करहिया निवासी अविवाहित पान सिंह (80) की हत्या की गई थी। उसके हिस्से में 30 बीघा जमीन थी, जिसके लालच में उसके भतीजों करन सिंह उर्फ बंदर व बलवान सिंह पुत्र फूल सिंह व अवधेश सिंह के पुत्र प्रताप ने हत्या कर दी थी।
पान सिंह अपने भतीजे हरभान सिंह के साथ रहता था। घटना के समय महिलाएं हलछट की पूजा करने गईं थी। इसी बीच सोते समय कुल्हाड़ी व फरसे से गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर गला काटा गया था। पान सिंह के भतीजे हरभान ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दौरान मुकदमा अवधेश सिंह की मौत हो चुकी है।
इस मामले में विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) राधेश्याम यादव की अदालत करन सिंह उर्फ बंदर व बलवान सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सोते समय धारदार हथियारों से किया था हमला
अमर उजाला ब्यूरो