हमीरपुर। दहेज हत्या के एक मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय महेशानंद की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें अदालत ने महिला के पति को दोषी पाया। उसे दहेज हत्या में आठ वर्ष का कारावास व 16 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में अन्य आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया बांदा जिले के दरदा निवासी चुनुवाद निषाद ने अपनी पुत्री रेखा की शादी कुरारा थानाक्षेत्र के उमराहट निवासी रामसजीवन के पुत्र बालेंद्र से 18 मई 2014 को की थी। शादी के बाद से ससुरालियों ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर रेखा का उत्पीड़न करने लगे।
दहेज उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर रेखा ने 8 अप्रैल 2015 को आत्महत्या कर ली थी। पिता चुनुवाद ने कुरारा थाना में रेखा के पति बालेंद्र, ससुर रामसजीवन, जेठानी गायत्री व जेठ मनोहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय महेशानंद झा ने उसके पति बालेंद्र को दहेज हत्या के मामले में दोषी पाया और आठ वर्ष कारावास की सजा सुनाई। वहीं 16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं साक्ष्य के अभाव में ससुर, जेठ, जेठानी को दोष मुक्त कर दिया गया।
साक्ष्य के अभाव में ससुर, जेठ व जेठानी दोष मुक्त
अमर उजाला ब्यूरो