मौदहा के भुलसी गांव में बालू के डंप को सीज करते एसडीएम।
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केन नदी से अवैध मौरंग खनन करने के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी मोहम्मद रिजवान व खनिज विभाग के सर्वेयर बृजभूषण तिवारी ने दल बल सहित तीन गांवों के बीहड़ों में पड़े एक दर्जन से अधिक मौरंग के डंप को सीज कर दिया। यह मौरंग चोरी
छिपे ट्रैक्टराें से नदी के बीहड़ों, जंगलों में बिक्री के लिए इलाकाई लोगों ने करीब 12 स्थानों डंप की है।एसडीएम व खनिज विभाग के सर्वेयर राजस्व विभाग के लेखपालों व पुलिस बल के साथ भुलसी गांव पहुंचे। तो गांव से हटकर ऐसी जगह मौरंग का डंप किया गया था, जहां सामान्य लोग नहीं पहुंच
सकते। अकेले यहां 1573 घनमीटर अवैध मौरंग कई स्थानों पर डंप है। नाप जोख कर सीज करने के बाद प्रधान पुत्र विष्णु सिंह के सुपुर्द कर दी गई। जबकि भमई व छानी मार्ग में वन विभाग के बीहड़ी उबड़ खाबड़ भूमि पर दो स्थानों पर मौरंग डंप की गई है। यहां से ट्रक लोडिंग की व्यवस्था बनी है।
इसके अलावा अन्य स्थानों पर कई अन्य डंप सीज किए गए। बक्छा के प्रधानपति जागेश्वर प्रजापति की सुपुर्दगी में कुछ डंप दिए गए। एसडीएम ने बताया कि किसी भी दशा में अवैध मौंरग/बालू का खनन नहीं हो सके गा। यदि कोई चोरी से खनन करते पकड़ा गया तो भारी जुर्माने के साथ उसके खिलाफ
अपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दावा किया कि पूरे क्षेत्र में प्रशासन की सतर्कता से अवैध खनन बंद है। जबकि सर्वेयर ने बताया कि इस कार्रवाई में एक दर्जन स्थानों के अवैध डंपो को सीज किया है। कहा कि अनुमानत: 2650 घन मीटर बालू है। बीते एक माह के अंदर 34 डंप पहले ही सीज किए जा चुके है। 80 ऐसे मामले दर्ज कराए गए हैं जो अवैध वाहन खनन में लिप्त थे।