हमीरपुर। गैर इरादतन हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय सुनीता शर्मा की अदालत ने गुुरुवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह और जेल में रहना होगा।
जरिया थानाक्षेत्र के करही गांव निवासी सुमन कोरी रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके चाचा बुलट्टर कोरी का बंटवारे को लेकर उसके पिता चन्ना से विवाद चल रहा था। नौ सितंबर 2015 की सुबह उसके पिता खेत पर काम करने गए थे। वह, उसकी मां चंद्रकली व दादा लक्ष्मनदास भी खेत पर काम कर रहे थे। तभी सुबह आठ बजे बंटवारे की बात को लेकर चाचा ने पिता के ऊपर हमला बोल दिया। लोहे के चिमटे से उनके सिर पर कई वार किए। इससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। 15 सितंबर को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार शुक्ल व प्रवीन भदौरिया ने बताया कि कोर्ट ने बुलट्टर कोरी को दोषी करार देते हुए गैर इरादतन हत्या में सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी।