हमीरपुर। न्यायालय ने हत्या में आजीवन कारावास व 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह ने बताया कि राठ थानाक्षेत्र के औंता गांव निवासी चेतराम धोबी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसका बड़ा भाई नंदलाल (35) सूरत से नौकरी कर वापस आया था। उसने गांव निवासी कल्लू सिंह लोधी को 10 हजार रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में उसे चार क्विंटल गेहूं हर वर्ष ब्याज के रूप में देते थे। तीन वर्ष से न तो गेहूं दे रहे थे और न ही उधार लिए पैसे दे रहे थे। आठ मई 2007 को उसका भाई उधार के रुपये मांगने उसके घर गया, लेकिन कर्जदार के न मिलने पर वापस आ गया। शाम साढ़े पांच बजे उसका भाई खेतों की तरफ शौच के लिए जा रहा था। उसी समय उसका छोटा भाई प्रतिपाल रास्ते में मिल गया। लेनदेन को लेकर दोनों के बीच कहा सुनी होने लगी। शोर सुनकर वह व गांव के प्रेमनरायण बीच-बचाव करने लगे। तभी एकाएक प्रतिपाल ने तमंचा निकालकर उसके भाई के गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अनिल कुमार शुक्ल की अदालत ने प्रतिपाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।