हमीरपुर। पुलिस का दावा है कि विवेक नगर से कलक्ट्रेट कर्मचारी के बेटे के अपहरण में करीबी का ही हाथ है। फिर भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पा रही है। अब कहा गया है कि जमीन संबंधी मामले में रुपये के लेनदेन के विवाद में आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया है।
एसपी शुभम पटेल का कहना है कि घटना में परिवार के रिश्तेदारों का ही जुड़ाव है। इनके द्वारा एक जमीन खरीददारी का मामला प्रकाश में आया है। अपहरकर्ताओं को शायद पता था कि कलक्ट्रेट कर्मी के पास नकद राशि है, इसके लालच में घटना को अंजाम दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर यह बात सामने आई हैं कि पुलिस की नाक के नीचे से ही अपहरणकर्ता निकल गए थे। अपहरणकर्ता विवेक नगर से बच्चे को लेकर विद्या मंदिर स्कूल वाले रास्ते पर आए। फिर छंगा चौराहा, पीएनबी से होते हुए हरी गेस्ट हाउस से रानी लक्ष्मी बाई तिराहा, भरुआ सुमेरपुर के लिए निकले। वह मुख्यमार्ग से थाने के ठीक सामने वाली गली में मुख्य बाजार में प्रवेश कर गए थे। माना जा रहा है कि वहां से चाकू भी खरीदा। इसके बाद वह अंदर से सीधे रेलवे क्रासिंग पहुंचे, पंधरी तिराहा से होते हुए वह टेढ़ा से जसपुरा में थाने के बगल में झंझरी मार्ग के लिए निकले थे। वहां वह बच्चे का गला रेतकर फेंक गए थे। ग्रामीण इलाके की तरफ चले जाने से पुलिस को आगे के सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल रहे हैं।