भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। थानाक्षेत्र के भौंरा गांव में दस वर्ष पहले मां की हत्या के बाद मानसिक कमजोर युवक ने अपने पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के बड़े पुत्र ने अपने भाई के खिलाफ पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
भौंरा गांव निवासी छिद्दू वर्मा (65) के दो पुत्र ओमकार वर्मा व संजय वर्मा हैं। ओमकार शादीशुदा हैं और वह राठ कस्बे में होटल में काम कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनकी पत्नी गुड़िया गांव में ही ससुर और देवर संजय वर्मा के साथ रहती हैं। दो दिन पूर्व वह बच्चों के साथ अपने मायके चली गईं और घर पर पिता छिद्दू व पुत्र संजय थे। राठ से आए मृतक के बड़े पुत्र ओमकार ने बताया शनिवार तड़के किसी बात को लेकर छोटे भाई संजय आक्रोशित हो गए और पिता पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। जिससे उनकी मौत हो गई।
बताया मानसिक कमजोर होने पर वह भाई का इलाज करा रहे थे। घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। गांव पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना की जानकारी एसओ वीपी सिंह ने अधिकारियों को दी। जिस पर एएसपी अनूप कुमार, सीओ सदर अनुराग सिंह, डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम ने गांव पहुंचकर घटना का जायजा लिया। पुलिस ने हत्यारोपी पुत्र को गांव से गिरफ्तार कर लिया। सीओ सदर अनुराग सिंह ने बताया मृतक के बड़े पुत्र ओमकार की तहरीर पर हत्यारोपी संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मां की हत्या के बाद हुआ था मानसिक कमजोर
भरुआसुमेरपुर। भौरा निवासी छिद्दू वर्मा अपनी पत्नी पैसुन व बेटे ओमकार व संजय के साथ रह रहे थे। उसके पास करीब छह बीघे खेती थी। जिसमें वह मेहनत कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन करीब 10 साल पहले उसने अपनी पत्नी पैसुन की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। जिसमें वह आरोपी बना और कई साल जेल में निरुद्ध भी रहा। लेकिन गवाही आदि न मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया था। वहीं मां की मौत की घटना के बाद संजय मानसिक कमजोर हो गया था और कहीं न कहीं उसके मन में अपने पिता के प्रति नफरत थी। वही नफरत शनिवार को उस पर सवार हो गई और उसने अपने पिता की धारदार हथियार से हत्या कर दी।