पत्योरा (हमीरपुर)। शादी समारोह में शामिल होने आए तीन किशोर व गांव के एक किशोर के साथ सोमवार दोपहर मलिहाताला घाट यमुना नदी में नहा रहे थे, तभी गहराई में जाने से चारों डूबने लगे। दूर बैठे कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देखा तो दौड़ लगाकर यमुना में छलांग लगा दी। मछली का शिकार कर रहे दो नौका वाले भी किशोरों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। जिसमें दो को तो बचा लिया गया। वहीं दो किशोर डूब गए। जिन्हें एक घंटे बाद गोताखोर निकाल सके। सदर अस्पताल में दोनों को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मचा है।
पत्योरा के मजरा विज्ञानपुरा निवासी मृतक के बाबा रामदयाल संखवार ने बताया परिवार में प्रहलाद संखवार की बेटी का आज विवाह है। जिसमें शामिल होने रिस्ते नातेदार आए हैं। बताया दोपहर करीब 12 बजे उनका नाती साहिल (14) पुत्र सिद्धार्थ व भांजा गौरव पुत्र जगभान निवासी बारा दौलतपुर कानपुर और हनी व शनी पुत्र राहुल निवासी घाटमपुर यमुना नदी में नहाने गए थे। जहां पर ये हादसा हो गया। उधर साथ नहाने गए मृतक के चाचा मोनू ने बताया एक बार शाहिल व गौरव नहाकर बाहर निकल आए थे। लेकिन शरीर में मौरंग लगने के कारण दोबारा फिर नहाने चले गए।
जो गहरे गड्ढे में फिसल गए। बताया मृतक साहिल का छोटा भाई 5 वर्ष का है। बताया आसपास मौजूद नाविकों व ग्रामीण मथुरा निषाद, श्रीराम निषाद व भगत निषाद ने गोता लगाकर सभी को बाहर निकाला है। साहिल व गौरव को एक घंटे से अधिक समय तलाशने में लगा। दोनों को सदर अस्पताल भेजा गया। जहां दोनों की मौत हो गई। मृतक साहिल के पिता रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। ड्यूटी में होने से फोन पर सूचना दी गई है। वहीं मां बेहाल है। कहती है कि आंखों का तारा उन्हें छोड़कर चला गया।
अब कैसे रह पाएगी। इधर परिवार के इंद्रपाल संखवार, रामपाल संखवार ने बताया सोमवार को ही बरात आनी है। नातेदार आए हैं। लेकिन खुशी का माहौल मातम में बदलने पर कुछ समझ में नहीं आ रहा है। उधर पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। थानाध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया मछुआरों की मदद से शव बाहर निकलवाया है। वहीं मौत की सूचना के बावजूद परिजन इलाज के लिए कानपुर ले जाने की जिद करने लगे। इस बीच चिकित्सकों के काफी देर तक समझाने के बाद माने।
मछुआरे बने देवदूत दो को बचाने में रहे सफल
भरूआसुमेरपुर। पत्योरा के समीप सोमवार दोपहर जिस समय बच्चे यमुना में डूब रहे थे। उस समय नदी की तलहटी पर सन्नाटे के बीच कुछ चरवाहे व मछुआरे मौजूद थे। बच्चों ने जैसे ही बचाने की गुहार लगाई चरवाहा व मछुवारे दौड़ पड़े। नाव के सहारे घटनास्थल पर पहुंचे मछुआरों ने बगैर देर किए नदी में छलांग लगा दी और डूब रहे बच्चों को बाहर निकाला। लेकिन चार में से दो की ही सांसे टूटने से बच सकीं। हनी इंटरमीडिएट व शनि हाईस्कूल का छात्र है। दोनों गांव के भूमानंद इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। अचानक हुई इस घटना से गांव में सन्नाटा है। साहिल दो भाइयों में बड़ा था। दो बहनें भी हैं।