हमीरपुर। कुरारा थानाक्षेत्र के बेरी गांव निवासी युवक एक माह पूर्व घर से लापता था। युवक का कंकाल बुधवार को बेरी ग्राम पंचायत के मजरा इंद्रपुरी के जंगल में मिला। जिसकी पहचान कपड़ों व मौके में मिले आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस से हुई। युवक गांव में आटा चक्की लगाकर परिवार का भरण पोषण करता था।
क्षेत्र के बेरी गांव निवासी रज्जू उर्फ राजू अनुरागी (36) अपने घर से 31 अगस्त को दिमागी तनाव की वजह से निकले थे। जिसके बाद उसके परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन युवक की जगह-जगह खोजबीन करते रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इतने समय बाद बुधवार इंदपुरी गांव के लोगों में जंगल में एक मानव कंकाल पड़े होने की चर्चा होने लगी। इसकी सूचना मृतक के भाई गंगाराम को हुई तो वह अपने साथियों के साथ जंगल पहुंच गए। जंगल में खोजबीन करने पर भाई का कंकाल अधवारा बाबा के स्थान के पास मिला। पास में ही एक लिफाफे में बंद मृतक का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व कोविड वैक्सीनेशन का कार्ड भी मिला।
सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी आनंद कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। इधर से उधर फैले कंकालों को इकट्ठा करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थाना प्रभारी ने बताया मृतक की गुमशुदगी थाने में दर्ज है। मृतक की पत्नी संध्या ने बताया उनके पति आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मृतक के बच्चे नहीं हैं, मृतक की पत्नी ने कुछ पड़ोसियों पर शराब पिलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है गांव में उनका किसी से कोई विवाद नहीं है।