हमीरपुर। निकाह के लिए तारीख होने के बाद दहेज की मांग को लेकर निकाह न करने पर होने वाली दुल्हन ने जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम गीतांजलि गर्ग की अदालत ने होने वाले आरोपी शौहर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला ने बताया कि बिवांर थानाक्षेत्र के हिमौली निवासी पीड़ित पिता शरीफ खां ने पिछले 14 अक्तूबर को दी तहरीर में बताया कि अपनी पुत्री शफीनाबानो का निकाह मुटनी निवासी शफीक अहमद से तय किया था।
शादी सात नवंबर को तय हुई थी। उसने दान दहेज का सामान जुटा लिया था व शादी के कार्ड भी छपवा लिए थे। तभी 13 अक्तूबर को होने वाले शौहर के पिता हफीज खान ने फोन कर कहा कि शादी संबंधी कुछ बातें करनी है। वह मुटनी आ जाएं। इस पर दूसरे दिन पत्नी व लड़के अतीक के साथ गए। वहां ससुर ने पहले दो लाख रुपये व एक बाइक खरीद कर भेजने की बात कही इसके बाद शादी होगी। मजबूरी व गरीबी का वास्ता देने पर हफीज खान ने निकाह करने से मना कर दिया।
अपनी पत्नी व पुत्र के साथ मायूस होकर वापस गांव लौटा तो इसी बीच होने वाले पति शफीक खान ने उनकी पुत्री शफीना से फोन में बात की। शफीक खान के उकसाने पर पुत्री ने मानसिक अवसाद व हीनता में आकर जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अदालत ने आरोपी शफीक खां की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।