हमीरपुर। साढ़े पांच वर्ष पूर्व राठ के एक गांव में शौच करने गई किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर उसने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की सुनवाई बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, कोर्ट प्रथम शमशुल हक की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त को दस वर्ष की सजा सुनाई व बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया।
विशेष लोक अभियोजन रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राठ थानाक्षेत्र के एक गांव में वादी ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री 13 सितंबर 2014 की सुबह शौच के लिए गई थी। तभी धर्मेंद्र व उसके साथी संजू वर्मा ने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। 15 सितंबर को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना दौरान वादी ने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र दिया। कहा 23 अक्तूबर 2014 को उसकी पुत्री ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आग लगा ली।
इलाज के दौरान एसडीएम राठ ने मृत्यु पूर्व पीड़िता के बयान दर्ज किए। जिसमें पीड़िता ने बताया उसके साथ धर्मेंद्र ने दुष्कर्म किया। ऐसे में अदालत ने आरोपी संजू वर्मा को बरी कर दिया। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट कोर्ट प्रथम शमशुल हक ने अभियुक्त धर्मेंद्र को दस वर्ष की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना की रकम अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगी।
आत्महत्या को प्रेरित करने पर चार वर्ष की कैद
हमीरपुर। मुस्करा थानाक्षेत्र के एक गांव में युवती को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश एफटीसी फर्स्ट अरुण कुमार राय ने अभियुक्त को चार वर्ष की सजा व 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सक्सेना व राजेश शुक्ला ने संयुक्त रूप से बताया कि मुस्करा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी वादी छह मई 2017 की रात निमंत्रण से घर लौटकर आया। जहां उसने देखा कि उसकी पुत्री व अभियुक्त उमेश एक कमरे में लेटे थे।
जिस पर पीड़ित ने अभियुक्त के परिजनों को बुलाया और अभियुक्त उमेश को डांटकर समझा दिया। कहा कि इसके बाद दूसरे दिन सात मई 2017 वादी की पुत्री शौच के लिए गई। जहां अभियुक्त ने हाथ पकड़कर खींचा तो पीड़िता ने विरोध किया। घटना के समय मृतका की छोटी बहन भी थी। तो अभियुक्त ने छोड़ा दिया कि मर जाओ। जिससे क्षुब्ध होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश एफटीसी फर्स्ट अरुण कुमार राय ने अभियुक्त उमेश को चार वर्ष की कैद व जुर्माना लगाया।