हमीरपुर। सात साल पूर्व मौदहा कस्बे के नेशनल रोड स्थित ज्वैलरी की दुकान में लूट और सराफ की हत्या के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (दप्रक्षे) अनिल कुमार शुक्ल की अदालत ने चार लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 1.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता शैलेश स्वरूप चौरसिया व अशोक कुमार शुक्ल ने बताया कि 24 दिसंबर 2012 की शाम 5:45 बजे मौदहा कस्बा निवासी सोहनलाल सोनी अपने बड़े भाई गौरीशंकर व चाचा लक्ष्मीनारायन के साथ नेशनल मार्ग स्थित अपने सराफा की दुकान को बंद करने की तैयारी कर रहे थे। वह दुकान में जेवर व नगदी झोले में भर रहे थे। इसी बीच दुकान के सामने एक बाइक आकर रुकी, जिसमें सवार तीन लुटेरे उतरे जबकि एक मौके पर मौजूद था। चारों ने दुकान में घुसकर झोला छीनने का प्रयास किया। चाचा लक्ष्मीनारायन लुटेरों से भिड़ गया। इस बीच गौरीशंकर व उसका बड़ा भाई सोहनलाल चाचा को बचाने दौड़े तो लुटेरों ने तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लक्ष्मीनारायन व गौरीशंकर को लगी, जिससे गौरीशंकर की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि, लक्ष्मीनारायन गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस मामले में सोहनलाल ने रात में ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में लुटेरे लाला उर्फ शफात व मुजीब निवासीगण गोयरा मुगली थाना मटौंध जनपद बांदा, राशिद उर्फ नागर निवासी हैदरिया मौदहा, छिद्दन उर्फ निजामुद्दीन निवासी कम्हरिया के नाम सामने आए। पुलिस ने लाला शफात व छिद्दन की निशानदेही पर मुजीब के घर से लूटे गए गहने व कैश बरामद किया। शुक्रवार को इस मामले की विशेष न्यायाधीश (दप्रक्षे) अनिल कुमार शुक्ल की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने चारों लुटेरों को आजीवन कारावास की सजा व प्रत्येक को 1.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।