राठ। महानगरों से लौटने वाले ग्रामीणों को शासन की ओर से गांव के स्कूलों व पंचायत घरों में चौदह दिन के लिए क्वारंटीन करने के निर्देश हैं। स्कूलों व पंचायत घरों में ठहरने की व्यवस्था भी कराई गई है। इस सबके बावजूद ग्रामीणों को आश्रय केंद्रों पर रोकना चुनौती बना है। गल्हिया के प्रधान देवेंद्र राजपूत ने बताया 18 लोग बाहर से आए हैं।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में व्यवस्था करने के बावजूद कोई नहीं रुका है। सरसई ग्राम पंचायत सचिव सुरेश कुमार ने बताया 20 प्रवासी पंजीकृत हैं। विद्यालय में व्यवस्था की है। लेकिन कोई भी बाहर से आने वाले लोग विद्यालय में नहीं रुक रहे हैं। इसी प्रकार नंदना में 20, टोला में 13, अकौना में 60 प्रवासी ग्रामीण घरों में ही ठहरे है। कोरोना संक्रमण की आशंका का खौफ ग्रामीणों में साफ देखा जा रहा है। संवाद
ग्रामीणों की जांच न होने से लोग परेशान
भरुआसुमेरपुर। इंगोहटा गांव के प्रधान शीतल अनुरागी ने बताया उनके गांव में दिल्ली, सूरत, रायपुर, पंजाब, हरियाणा, मुंबई आदि शहरों से करीब 40 लोग आए हैं। इनकी सूची तैयार की है। इन लोगों के रुकने की व्यवस्था पूर्व कन्या माध्यमिक विद्यालय में की गई है। कहा सूचना देने के बाद भी कोई केंद्र में जाने को तैयार नहीं है।
ग्राम विदोखर मेंदनी के प्रधान प्रतिनिधि आरएन मिश्रा ने कहा उनके यहां बाहर से 35 लोग आए हैं। सूचना के बाद भी केंद्र अभी खाली पड़ा है। ग्राम बंड़ा के प्रधान बद्री प्रसाद वर्मा ने बताया कि उनके यहां 20 लोग बाहर से आए हैं। मवईजार के प्रधान महेश शिवहरे ने कहा कि बाहर से आने वाले दो दर्जन लोग आए हैं। स्वासा खुर्द के प्रधान जय सिंह वर्मा ने बताया उनके यहां 12 लोग बड़े शहरों से आए हैं। युवकों के स्वास्थ्य जांच न कराने से ग्रामीण भयभीत हैं।
बिवांर प्रतिनिधि के अनुसार गांव के जूनियर विद्यालय में बाहर से आए 17 युवकों को रखा गया है। इनके परिजनों के न आने पर ग्राम प्रधान भोजन देने की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं कई लोग स्कूल न जाकर अपने घरों में घुसे हैं। प्रधान प्रतिनिधि रमेश सिंह ने बताया क्वारंटीन वार्ड के पास दो पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। ताकि युवक घर न जा सकें और उनकी जांच कराई जाए।