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हर साल बर्बाद हो जाता है 50 लाख का खाद्यान्न

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मौदहा नगर पालिका सभागार में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर बैठक करते अधिकारी। - फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर हुई गोष्ठी में कहा गया कि भंडारण गृहों में अनाज की सुरक्षा भी जरूरी है। शादी समारोह एवं बड़े भंडारों में उपस्थिति का आकलन सही नहीं होने पर काफी मात्रा में खाद्यान्न बर्बाद होता है। आंकड़ों के अनुसार 50 लाख रुपये का खाद्यान्न हर साल बर्बाद हो जाता है।
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सहायक आयुक्त खाद्य रामअवतार यादव ने बताया कि जिले में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 500 ग्राम खाद्यान्न की जरूरत होती है। इसमें 250 ग्राम अनाज व 250 ग्राम सब्जियों का प्रयोग किया जाता है। कैलोरी की मात्रा पूरी करने के लिए 250 ग्राम दूध की जरूरत होती है। जिला कृषि अधिकारी सरस तिवारी का कहना है कि दो से ढ़ाई फीसदी तक खाद्यान्न चूहे बर्बाद करते हैं। मंडी के साथ-साथ भंडार गोदामों में इनकी सक्रियता अधिक रहती है। चारों तहसीलों सदर, मौदहा, राठ व सरीला में संगोष्ठी हुई। कहा कि उतना ही खाना बनाए जितनी आवश्यकता हो। शादी-पार्टियों में बचे भोजन को गरीबों में बंटवा देना चाहिए। भरुआसुमेरपुर संवाद के मुताबिक कस्बे में आयोजित गोष्ठी में व्यापारियों को सामान की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
कस्बे के बस स्टैंड में व्यापार मंडल के साथ गोष्ठी का आयोजन हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके निरंजन ने कहा कि जब तक हम खाद्य पदार्थों को सुरक्षित नहीं रखेंगे, तब तक स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू, श्यामलाल गुप्ता, आशीष गुप्ता, अनुज शिवहरे, विजय चौरसिया, रमेशचंद्र गुप्ता, नीरज शिवहरे, रामजी मिश्रा, अमित गुप्ता, मृत्युंजय गुप्ता, अनिल परनामी, अनिल गुप्ता मौजूद रहे।
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