मौदहा (हमीरपुर)। गाजियाबाद के मुरादनगर में अंतिम संस्कार के दौरान अंत्येष्टि स्थल की स्लैब गिरने से हुई मौतों के मामले में प्रदेश सरकार ने अब घटिया स्तर के निर्माण कार्यों पर कार्रवाई शुरू की है। इस तरह की घटनाएं पूर्व में भी हो चुकी हैं। वर्ष 2016 में मौदहा कस्बे में भी एक शमशान स्थल पर शव दाहगृह के घटिया निर्माण के कारण शटरिंग खोलते समय बीम समेत निर्माण ढह गया था। जिसमें एक मजदूर की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले को रफादफा कर दिया गया था।
वर्ष 2016 में मई माह में चेयरमैन शकुंतला गोस्वामी के कार्यकाल में स्थानीय नगर पालिका के ठेकेदार ने हैदरगंज मोहल्ले में शमशान घाट पर अंत्येष्टि स्थल निर्माण कराया था। बताया शवदाह गृह निर्माण के बाद शटरिंग खोलने का काम चल रहा था। तभी कमजोर पिलर व उस पर डाली गई स्लैब गिर गई थी। जिसमें उरदना गांव निवासी एक मजदूर की मौत हो गई थी। जबकि दूसरा मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गया था। तब नगर पालिका ने संबंधित फर्म को काली सूची में डालकर भुगतान पर रोक लगा दी थी।
संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। लेकिन बाद में यह मामला रफादफा कर दिया गया। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शकुंतला गोस्वामी के पति बाल्मीकि गोस्वामी ने बताया अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए कस्बे की एक फर्म ने टेंडर लिया था। इस संबंध में उनकी ओर से विधिक कार्रवाई की गई थी। लेकिन बाद में पुलिस से मिलकर संबंधित ठेकेदार और मृतक के परिजनों के बीच समझौता कराकर मामला रफादफा कर दिया था।