राठ। कृषि कानूनों के खिलाफ भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है। सोमवार को छठे दिन नगर में किसानों ने विरोध मार्च निकाला और नारेबाजी की।
यूनियन के पदाधिकारियों ने पहले बीएनवी डिग्री कालेज स्थित स्वामी ब्रह्मानंद की समाधि पुष्प अर्पित किए। इसके बाद विरोध मार्च निकाला जो पड़ाव चौराहा, रानी गेट, कोट बाजार, दीवानपुरा, उरई बस स्टैंड, आंबेडकर चौराहा से होते हुए तहसील में धरनास्थल पर पहुंचा। जहां किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के बुंदेलखंड महासचिव रामपाल सिंह चिकासी ने कहा सरकार किसानों के साथ हठधर्मिता का परिचय दे रही है। भीषण ठंड, बारिश के बावजूद अपनी मांगों को लेकर किसान धरने पर डटे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष रामप्रकाश बाबू, ब्लाक अध्यक्ष कमलापत राजपूत पूर्व प्रधान चिल्ली, जगदीश मिश्रा, रामसनेही राजपूत, गयाप्रसाद, हल्के प्रसाद दाऊ, चंद्रभान सिंह, दुर्गा प्रसाद, अमर सिंह समेत काफी किसान मौजूद रहे। धरनास्थल पर पहुंचकर सपा नेताओं ने समर्थन दिया। वहीं सोमवार को दिन भर आसमान में बादल रहने से कड़ाके की ठंड रही। हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मगर किसान धरने पर डटे हैं।
किसानों के साथ खड़ी है सपा
हमीरपुर। सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व्यास गोंड ने जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा प्रधानमंत्री मन की बात में देश के विकास, सुरक्षा, शिक्षा की तो बात करते हैं। लेकिन किसान की बात नहीं करते हैं। आज अन्नदाता सड़कों पर बारिश व भीषण ठंड के बीच विभिन्न मांगों को लेकर डटे हैं। कहा बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने जनता को झूठे आश्वासन दिए हैं। प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को उनका अधिकार वापस दिलाया जाएगा। किसानों की लड़ाई में सपाई कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वंदना यादव ने कहा इस समय महिलाएं सुरक्षित नहीं है। सहकारी बैंक महोबा के पूर्व चेयरमैन पुष्पेंद्र यादव ने कहा सपा सरकार आने पर चाहे होमगार्ड हों या फिर शिक्षा विभाग जिनकी नौकरियां गई हैं। उन्हें आयोग बनाकर नौकरी दिलाकर उनका सम्मान वापस लौटाया जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजबहादुर पाल, जिला पंचायत सदस्य कौशल द्विवेदी, पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवशरण यादव, कुलदीप शुक्ला आदि रहे। (संवाद)