हमीरपुर। जिले में दो दलहन, तिलहन क्रय केंद्र संचालित हैं। जहां समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीद की जानी है, लेकिन इन केंद्रों पर 238 किसानों का ही चना खरीदा जा सका है। जबकि सरसों और मसूर की खरीद ही नहीं की जा रही है। इस बारे में केंद्र प्रभारी का कहना है कि खुले बाजार में समर्थन मूल्य के बराबर रेट है और केंद्रों पर बारदाना की कमी है।
प्रदेश सरकार ने किसानों की बदहाली दूर कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई योजनाओं की सौगात किसानों को दी है। इसी के तहत किसानों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से दलहन तिलहन क्रय केंद्र शुरू कराए गए हैं। पूर्व की सरकारों ने भी किसानों के लिए दलहन तिलहन का समर्थन मूल्य तो घोषित किया था, लेकिन खरीदा नहीं। इस समय जिले के मगरौठ व मौदहा में एक-एक क्रय केंद्र संचालित हैं।
इनमें सिर्फ चने की ही खरीद हो रही है। जबकि सरसों और मसूर की खरीद अभी तक नहीं हो पाई है। जिले में 2.12 लाख किसान खेती करते हैं। इनमें 1.50 लाख लघु सीमांत किसान हैं। वहीं सवा लाख किसानों ने बैंकों से केसीसी बनवाकर लोन ले रखा है।
राठ और मौदहा में संचालित दलहन, तिलहन क्रय केंद्रों में अभी तक 414.30 एमटी चने की खरीद हुई है। ये दोनों क्रय केंद्र पीसीयू संस्था संचालित कर रहा है। राठ में अभी तक 102 किसानों से 187.60 एमटी चना खरीद जा सका है। मौदहा के क्रय केंद्र में भी 136 किसानों से 226.70 एमटी चने की खरीद की गयी है।
अप्रैल में होनी चाहिए खरीद
विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा निवासी किसान विजय कुमार पांडेय ने कहा एक माह पूर्व पैसों की सख्त जरूरत थी। तभी चार बोरा सरसों तेल मिल में बेचा था। जिसका भाव 4800 रुपये लगा था। जबकि सरकार ने काली और पीली सरसों का समर्थन मूल्य 4200 रुपया तय किया है। कहा दलहन व तिलहन की खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी चाहिए।
पीला सरसों समर्थन मूल्य से है अधिक
देवगांव निवासी किसान मदन सिंह ने बताया उनके ब्लॉक में क्रय केंद्र खोले ही नहीं गए। मजबूरी में दलहन व तिलहन मंडी में बेची है। कहा मंडी में चना भाव 4 हजार रुपये क्विंटल है। वहीं क्रय केंद्र में 4500 रुपये है। पीला सरसों समर्थन मूल्य से 1500 रुपये अधिक रेट पर खरीदा जा रहा है। कहा गेहूं खरीद के पहले दलहन व तिलहन केंद्र संचालित होने चाहिए।
समर्थन मूल्य से लाभान्वित होंगे किसान
जिला खाद्य विपणन अधिकारी बृजेश कुमार यादव ने बताया दलहन तिलहन की खरीद के लिए समर्थन मूल्य घोषित कर किसानों को सीधा लाभ दिलाया जा रहा है। कहा चने का इस बार समर्थन मूल्य 4825 रुपये है, वहीं मसूर 4800 रुपये तथा सरसों 4425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बताया बारदाना की कमी के कारण केंद्रों पर सरसों और मसूर की खरीद नहीं हो पा रही है। डीएम के जरिये शासन को इस समस्या से संबंधित पत्र लिखा है। राठ मंडी में पीसीएफ का एक और दलहन तिलहन क्रय केंद्र संचालित करेंगे। बताया किसान भाई किसी भी समस्या के लिए इन नंबरों पर पर संपर्क कर सकते हैं। नियंत्रण कक्ष - 05282 221114, जिला खाद्य विपणन अधिकारी - 7839565020, जिला प्रबंधक पीसीएफ- 9870656354, एआर कोआपरेटिव-9920528887
सर्वाधिक होती है दलहन की फसल
जिला कृषि अधिकारी डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया जिले में खरीफ फसलों में 15688 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की फसल कर किसानों को 2636 एमटी तक उपज मिल रही है। वहीं 5547 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की फसल की कर किसान 926 एमटी उत्पादन करते हैं। इसके अलावा 7087 हेक्टेयर में अरहर की फसल कर किसान 8711 एमटी तक उत्पादन करते है। रबी के मौसम में 7304 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चना की फसल कर किसान को 8388 एमटी उपज मिलती है। 8796 हेक्टेयर में मटर पैदाकर किसान 1318 एमटनी तक उपज लेते है। 20840 हेक्टेयर में मसूर की 20226 एमटी तक उपज प्राप्त होती है।