गोहांड। सरकारी खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने की ऑनलाइन प्रक्रिया किसानों को रास नहीं आ रही है। इस व्यवस्था से परेशान किसान लेखपाल व तहसील मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। भागदौड़ अधिक होने से इस पंजीकरण प्रक्रिया से वंचित हो रहे किसानों में नाराजगी है। कस्बे के किसान मोहन सिंह, जगभान, यमुना दास, मानसिंह ने बताया पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन के नाम से ऑफलाइन जैसी है। प्रक्रिया में खतौनी लेकर जन सुविधा केंद्र में शुल्क के साथ ऑनलाइन कराना होता है।
इसके बाद प्राप्त प्रतिलिपि में लेखपाल के पास जाकर खसरे से गेहूं के क्षेत्रफल का ऑफलाइन सत्यापन कराने का प्राविधान है। इसके बाद सत्यापित प्रतिलिपि तहसील कार्यालय में जाकर फीड करानी होती है। इसके बाद पुन: जन सुविधा केंद्र आकर टोकन आने का इंतजार करना होता है। बताया इस जटिल प्रक्रिया में किसानों का अनावश्यक समय व पैसे की बर्बादी हो रही है। वहीं सरीला एसडीएम अजीत परेश ने बताया गेहूं की खरीद की प्रक्रिया शासन के गॉइडलाइन के अनुसार हो रही है। (संवाद)