मौदहा। डेढ़ दशक के छिमौली मार्ग बदहाल है। ग्रामीणों के कई प्रयासों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी। हालत यह है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
कस्बे से छिमौली गांव तक 20 साल पहले जिला परिषद ने सड़क का निर्माण कराया गया था। यह मार्ग कई अन्य गांवों को भी जोड़ता है। जिसमें मुख्य रूप से करहिया, खंडेह, रीवन प्रमुख हैं। यह राष्ट्रीय राजमार्ग कानपुर- सागर से जाकर मिलता है। रास्ते में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कांशीराम कालोनी, बिजली उपकेंद्र आदि पड़ते हैं। यहां सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। गांव के पूर्व प्रधान प्रकाश निषाद ने बताया कि मार्ग निर्माण के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं कर रहा है। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि लालाराम निषाद कहते हैं किधन की कमी से तीन किमी सड़क निर्मित नहीं हो पा रही है। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों से संपर्क किया है।
- लोनिवि के अवर अभियंता साजिद ने बताया कि फिलहाल उनके विभाग की सड़कों की सूची में छिमौली मार्ग दर्ज नहीं है। यहां सेतु निगम पुल निर्माण का कार्य कर रहा है वह एप्रोच मार्ग भी बनाएगा। शेष बचा मार्ग यदि उनके विभाग में दिया जाता है तो उस पर अधिकारी उच्च स्तर पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल इसे निर्माण के लिए उनके पास कोई जानकारी नहीं है। हालांकि यह सड़क जिला परिषद की बताई जा रही है।
प्रधान बृजनरेश का कहना है कि इस मार्ग पर कई सरकारी संस्थान हैं। आईटीआई भी है, जिसमें करीब पांच सौ छात्रों आना जाना है। जिससे उन्हें मुश्किल हो रही है। वहीं गांव तक बरसात में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सड़क निर्माण बहुत जरूरी है।
छिमौली निवासी करन निषाद ने बताया कि पूर्व विधायक शिवचरन प्रजापति ने अपने कार्यकाल में मार्ग बनाए जाने का प्रयास किया था, जो नहीं हो सका। अब उनके पुत्र डा. मनोज प्रजापति विधायक हैं। वह चाहे तो मार्ग का शीघ्र निर्माण हो सकता है।