हमीरपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके कुनबे के 72 लोगों की कर्बला के मैदान में हुई शहादत की याद में शुक्रवार को चेहल्लुम मनाया गया। कदीमी इमाम चौक से मातमी धुनों संग जुलूस निकाला गया। रहुनियां धर्मशाला में विभिन्न इमामचौकों के ताजियों का मिलाप हुआ। यहां युवाओं ने अखाड़े में जंगी करतबों का प्रदर्शन किया।
कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके कुनबे के 72 लोगों की शहादत के गम में मोहर्रम के बाद चेहल्लुम मनाया जाता है। मोहर्रम के 40 दिन बाद होने वाले चेहल्लुम में कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की जाती है। शुक्रवार को चेहल्लुम के मौके पर शहर के कदीमी इमाम चौक से ताजियों का जुलूस निकाला गया। जिसमें बड़ी संख्या में छोटे-बड़े ताजिए शामिल हुए। मातमी धुनों के बीच निकाले गए जुलूस ने पूरे शहर का भ्रमण किया। जुलूस की अगुवाई मोहर्रम इंतजामियां कमेटी के सदर वली अहमद साबरी ने की। इसे सकुशल संपन्न कराने में अनवर खान का सहयोग रहा।