अवैध मौरंग खनन मामले में सीबीआई का शिकंजा अब सरकारी विभागों और उनके शीर्ष अधिकारियों पर भी कसने जा रहा है। जांच एजेंसी अब पूछेगी की विकास कार्यों में अवैध खनन कर लाई गई मौरंग का उपयोग क्यों और कैसे हुआ। इस सिलसिले में वो कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण में लगने वाली मौरंग की रॉयल्टी पर्ची भी मांगेगी। इससे विभागों के शीर्ष अधिकारियों-ठेकेदारों के गठजोड़ की पोल भी खुलेगी।
6 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट ने अवैध मौरंग खनन पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत व जिला पंचायत से हुए विकास कार्यों में अवैध मौरंग का जमकर इस्तेमाल हुआ। लोहिया गांवों, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना में चयनित गांवों में भी काम हुए। आसरा योजना के तहत अकेले चार कस्बों में 1445 आवास बनाने का काम शुरू हुआ। लोक निर्माण विभाग ने मुख्यालय में 15 सीसी सड़कों में कुछ को छोड़ अन्य का निर्माण करा लिया है। ग्राम पंचायतों ने पांच हजार से अधिक शौचालय बनाए हैं।
मॉडल स्कूल, पॉलिटेक्नीक, अधिकारियों के आवास, नवोदय विद्यालय भवन, कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल, पावर स्टेशनों, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, आईटीआई, इंटर कॉलेज, सीएचसी गोहांड, अग्निशमन केंद्र का निर्माण हुआ। इधर, पिछले माह सीबीआई जांच के आदेश के बाद खनिज विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यदायी संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली मौरंग पर रोक लगाने के लिए छापेमारी की। इसी तरह के एक मामले में सुमेरपुर कस्बे में रेलवे विभाग के ठेकेदार के तीन मौरंग लदे ट्रक अधिकारी पकड़ चुके हैं। जिसमें ट्रक चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अब सीबीआई इन कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों को तलब करने की तैयारी कर रही है।
डीएम से की पूछताछ, दस्तावेज भी मांगे
अवैध खनन को लेकर सीबीआई की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। टीम ने सोमवार को जिलाधिकारी से भी 15 मिनट तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कुछ दस्तावेज भी डीएम से मांगे हैं। उधर, नवागत डीएम डॉ.मन्नान अख्तर का कहना कि सीबीआई टीम शिष्टाचार भेंट के लिए आई थी।
सीबीआई टीम ने खनन करने वाले पट्टाधारकों के मुनीमों को तलब कर उनसे जानकारी ली। वहीं एआरटीओ विभाग के पीटीओ भी कैंप कार्यालय पहुंचे। साथ ही सीबीआई टीम के दो अधिकारी दोपहर में जिलाधिकारी आवास गए। वहां 15 मिनट डीएम से अकेले में बातचीत की। सूत्रों के अनुसार उनसे कुछ दस्तावेज भी मांगे हैं।
सीबीआई ने एमएलसी रमेश मिश्रा के मुनीम बाबू नारायन कुशवाहा व सत्यदेव दीक्षित के मुनीम सरमन सैनी के साथ महोबा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेश यादव के मुनीम महेंद्र पाल से पूछताछ की। वहीं, बच्चू महाराज व रमाकांत भी कैंप कार्यालय पहुंचे। सीबीआई से मिलकर वापस लौटे पीटीओ अमित वर्मा ने बताया कि सीबीआई ने उनसे जिले में रजिस्टर्ड पोकलैंड व जेसीबी मशीनों के बारे में जानकारी मांगी है।