हमीरपुर। सेना भर्ती में फर्जी निवास और चरित्र प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 74 अभ्यर्थियों की जांच कर रही सीबीआई टीम ने अहम दस्तावेज हासिल किए हैं। इसके साथ ही लेखपालों, प्रधानों, सभासदों व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के बयान दर्ज करने के बाद शुक्रवार की सुबह टीम लखनऊ को वापस चली गई।
सीबीआई के इंस्पेक्टर संतोष कुमार तिवारी की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम जांच करने बुधवार को आई। जहां मौदहा बांध निर्माणखंड के निरीक्षण भवन में रुककर सेना भर्ती में फर्जी कागजातों की जांच पड़ताल की। बुधवार व गुरुवार को निरीक्षण भवन में बयान दर्ज कराने आए प्रधानों, लेखपालों व अन्य की काफी भीड़ रही। वर्ष 2015 से वर्ष 2017 तक सदर तहसील क्षेत्र के बह्मनपुर, कुतुबपुर, जखेला, पतारा, कुरारा, इंगोहटा, पचखुराखुर्द, जलाला व नरायनपुर में तैनात रहे 12 लेखपालों व नाजिर गोविंद शर्मा को अभिलेखों समेत सीबीआई ने तलब कर बयान दर्ज किए। इसके अलावा सदर तहसील में तैनात रहे चार कंप्यूटर सहायकों, जाति निवास आय के पटल में संबद्ध दो कर्मचारियों तथा वेंडर के सहयोग में तैनात रहे दो प्राइवेट कंप्यूटर सहायकों को भी सीबीआई ने पूछताछ कर बयान दर्ज किए। नगर पालिका के पूर्व सभासदों में शीला, रुद्रप्रताप सिंह व पूर्व चेयरमैन विटोल निषाद के भी सीबीआई टीम ने बयान दर्ज किए हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश के अलीगढ़, मेरठ सहित अन्य जनपदों के 74 अभ्यर्थियों ने सेना भर्ती में जिले से फर्जी निवास प्रमाण पत्र और चरित्र प्रमाण पत्र दिए थे, जिनका पुलिस ने सत्यापन कर दिया लेकिन एलआईयू ने फर्जी पाने पर लिखा पढ़ी कर दी। जांच करने के बाद टीम शुक्रवार की सुबह लखनऊ के लिए रवाना हो गई। टीम के जाते ही जांच के दायरें में आए लोगों ने राहत महसूस की है वहीं बुलाए गए जिन लोगों ने सीबीआई का सामान नहीं किया है, उन्हें लखनऊ तलब किया गया है।