हमीरपुर। नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। 24 घंटे में यमुना नदी का जलस्तर तीन मीटर और बेतवा का करीब ढाई मीटर बढ़ा है। दोपहर 12 बजे तक यमुना का जलस्तर 97.34 मीटर और बेतवा का जलस्तर 99.00 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। मध्य प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश का असर बेतवा और यमुना नदी में दिखाई देने लगा है। माताटीला, टुकवान और पारीछा बांधों के ओवरफ्लो होने से बेतवा नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ है।
मौदहा बांध के अधिशासी अभियंता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि मंगलवार की रात पारीछा बांध से 75 हजार क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया है। छोड़े गए पानी का असर गुरुवार को नजर आएगा। बताया कि मुख्यालय से सटे गांवों व अन्य इलाकों के लोगों को बाढ़ से निपटने के लिए सुरक्षा संबंध सभी उपाय कर लिए गए हैं। यह भी बताया कि जलस्तर 100 मीटर होने के बाद ही यमुना व बेतवा नदी में गिरे नालों को बंद करने का कार्य किया जाएगा। मंगलवार की दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर 94 मीटर व बेतवा का 96.55 मीटर दर्ज किया गया था। बुधवार की दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर 97.34 मीटर तो बेतवा का 99.00 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर से नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।