फोटो 24 एचएएमपी 22- दंगल में दांवपेंच दिखाते पहलवान। संवा
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे की छोटी बाजार में स्व. झुरी मिश्र की स्मृति में दंगल के आखिरी दिन 12 से ज्यादा रोमांचक कुश्तियाँ हुईं। दंगल का शुभारंभ आयोजन जयप्रकाश दीक्षित ने किया।
दंगल के आखिरी दिन नजरपुर अखाड़ा के अरुण ने फतेहपुर के जुनैद को रोमांचक मुकाबले में जोरदार पटकनी दी। उन्नाव के सुलखान ने गोरखपुर के विकास को परास्त किया। दंगल की सबसे बड़ी कुश्ती हरियाणा केशरी काली पहलवान एवं हमीरपुर महोबा केशरी हुकुम पहलवान के मध्य हुई। 10 मिनट तक चली रोमांचक कुश्ती बराबरी पर छूट गई।
बांदा के नीरज व उन्नाव के विश्वजीत, टेढ़ा के कुलदीप व कानपुर के हर्षित, टेढ़ा के वीरेंद्र व उन्नाव के ऋषि, फतेहपुर के अंकुर व इटावा के गोलू, कानपुर के सौरभ व इंगोहटा के कल्लू,पपरेंदा के रवि व तिलसरस के गोपाल आदि के मध्य हुई कुश्ती बराबरी पर छूट गई।
इस मौके पर जयप्रकाश दीक्षित को स्मृति चिह्न,अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। दंगल में नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे,विहिप जिलाध्यक्ष रामदत्त पांडे, डॉ. इमामुद्दीन, कल्लू यादव, भार्गव प्रसाद मिश्रा आदि हजारों लोग मौजूद रहे। दंगल में रेफरी के भूमिका रामकिशुन नन्ना एवं सूरजपाल सिंह ने निभाई। संचालन सुरेश यादव दपसौरा ने किया।