फोटो 30 एचएएमपी 36- गुमसुम दुल्हा अरविंद। संवाद
मौदहा। एक गांव में बीती बुधवार रात तीसरी शादी करने की बात को लेकर हंगामा हो गया और बरात बिना दुल्हन के लौट गई। सदर विधायक के पिता पूर्व मंत्री शिवचरन प्रजापति के समझाने के बाद भी लड़की पक्ष शादी को तैयार नहीं हुआ। बीते 18 मार्च को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो शादी भी हो चुकी है।
ललपुरा थानाक्षेत्र के पौथिया गांव निवासी संतोष प्रजापति की बेटी अंजली की शादी 29 अप्रैल को मौदहा कस्बे के रागौल मोहल्ला निवासी दयाराम प्रजापति के बेटे अरविंद कुमार के साथ होना तय थी। लड़की पक्ष ने गांव के स्वागतम गेस्ट हाउस से शादी कार्यक्रम का धूमधाम से आयोजन किया था। दहेज का सामान तैयार था और नाते-रिश्तेदार भोजन कर रहे थे। तभी लड़के का पिता दयाराम प्रजापति अपने बेटे की बरात लेकर गाजे-बाजे के साथ रात करीब 10 बजे गांव पहुंचे। जनवासे में नाश्ता व जलपान के बाद द्वारचार की तैयारी चल रही थी, तभी किसी बराती ने कह दिया कि लड़के की यह तीसरी शादी है। तीसरी शादी की बात आग की तरह लड़की पक्ष में फैल गई और वहां हड़कंप मच गया। शादी का माहौल देखते ही देखते बिगड़ गया। मौके पर पहुंचे सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति के पिता पूर्व मंत्री शिवचरन प्रजापति ने दोनों पक्षों को समझाकर शादी संपन्न कराने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लड़की पक्ष ने साफ शादी करने से साफ इंकार कर दिया। देर रात में ही पूरी बारात बिना दुल्हन के बैरंग लौट गई।
दूल्हा के पिता ने स्वीकारा बेटे की दूसरी शादी
दूल्हा के पिता दयाराम ने बताया कि उसके इकलौते बेटे की यह दूसरी शादी है। पहली शादी छह वर्ष पूर्व जनपद महोबा के खन्ना गांव में हुई थी। दो साल बाद पत्नी छोड़कर चली गई थी और पंचायत से तलाक हो गया था। इसके बाद अंजली से रिश्ता तय हुआ। बीते 18 मार्च को शहर के कुछेछा महाविद्यालय से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दोनों का विवाह भी हो चुका है। लड़की पक्ष के कहने पर वह 29 अप्रैल को रीति रिवाज के तहत बारात लेकर आया था। द्वारचार के समय लड़की का पिता ओली में एक लाख रुपये मांगने लगे और तीसरी शादी का आरोप लगाने लगे, जबकि पहले सब स्पष्ट हो चुका था। विधायक के पिता के कहने पर वह दुल्हन विदा कराने को तैयार थे, पर लड़की पक्ष नहीं माने। फिलहाल दोनों पक्षों में तनातनी बनी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मामले की ऐसी अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर सरकारी योजना का लाभ लिया है तो नियमों के तहत दोनों पक्षों को उसे स्वीकार करना चाहिए। शिकायत मिलने पर जांच कराकर शासनादेश के क्रम में कार्रवाई की जाएगी।
- हिमांशु अग्रवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
फोटो 30 एचएएमपी 36- गुमसुम दुल्हा अरविंद। संवाद