मौदहा (हमीरपुर)। नगर पालिका में फैला भृष्टाचार दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इन दिनों नगर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में भारी धांधली देखने को मिल रही है। सरकारी धन को पलीता लगाने में जिम्मेदार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर घटिया निर्माण कराए जाने की शिकायत दर्ज कराई है।
बताते चलें कि नगर पालिका द्वारा नगर में सड़क, नालियां सहित अन्य निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन इनमें मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। कई स्थानों पर घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने से निर्माण कार्य कुछ ही समय बाद खराब होने लगे हैं। इससे नगरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी कर केवल कागजों में ही विकास कार्य पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगरवासियों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी धन के दुरुप्रयोग पर रोक लग सके और नगर में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य हो सकें।
वार्ड नंबर एक में लाला जी के घर से मस्जिद तक कराए जा रहे सीसी नाली निर्माण को लेकर लोगों ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और ठेकेदार की मनमानी का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि नाली निर्माण में कच्ची और घटिया ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो देखने में ही निम्न स्तर की प्रतीत होती हैं। साथ ही नाली को सीधा बनाने के बजाय लहरियादार तरीके से बनाकर बजट को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में हमीद, इदरीश, कल्लू वर्मा आदि लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं, कपसा मार्ग पर पेट्रोल पंप से छिमौली तिराहा तक चल रहे निर्माण कार्य में भी मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप है। लोगों का कहना है कि निर्माण में मानक के विपरीत डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, नगर के मलीकुंआ चौराहा से डिग्री कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर बन रहे नाले में भी भारी धांधली और ठेकेदारों की मनमानी की शिकायत सामने आई है। इसके अलावा सिचौली पुरवा में हाईवे से सिचौली गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर नाले के निर्माण में भी मानक विहीन कार्य किए जाने से लोगों में आक्रोश है।
पालिका प्रशासन काम के हिसाब से लेता अलग से कमीशन
नाम न छापने की शर्त पर एक ठेकेदार ने बताया कि विभाग में पहले से लगभग 33 प्रतिशत तक कमीशन का चलन रहा है, जबकि वर्तमान कार्यकाल में पालिका प्रशासन द्वारा काम के हिसाब से अलग से कमीशन लिया जाता है।
इस मामले में कुछ भी बताने को बाध्य नहीं
अवर अभियंता आदित्य कुमार ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह इस विषय में कुछ बताने के लिए बाध्य नहीं हैं। ऐसे में जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी ही कुछ कहने से कतरा रहे हैं तो निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी कौन लेगा।
नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच की जाएगी। यदि मानक के विपरीत कार्य मिले तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
- करनवीर सिंह, एसडीएम।