फोटो 10 सीकेटीपी 24 इफ्को केंद्र पर गमछे से चेहरा लपेटकर लाइन में खड़े कृषि अधिकारी। संवाद
चित्रकूट। गल्ला मंडी स्थित इफको कृषक सेवा केंद्र पर डीएपी के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की जबरदस्ती टैगिंग का मामला तूल पकड़ने के बाद जिला कृषि विभाग ने जांच की। शिकायतों की सच्चाई परखने के लिए जिला कृषि अधिकारी खुद किसान बनकर इफको केंद्र पहुंच गए।
उन्होंने करीब ढाई से तीन घंटे तक किसानों की भीड़ में रहकर बारीकी से उर्वरक वितरण देखा। जांच के दौरान तस्वीर साफ मिली। केंद्र प्रभारी किसी भी किसान को डीएपी के साथ नैनो यूरिया या नैनो डीएपी लेने के लिए बाध्य नहीं कर रहे थे। कृषि अधिकारी ने वहां मौजूद आधा दर्जन से अधिक किसानों से एक-एक कर बात की। किसानों ने बताया कि उन्हें किसी भी उत्पाद के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा था। जो उर्वरक वे मांग रहे थे, वही उन्हें दिया जा रहा था। किसान पूरी तरह संतुष्ट नजर आए।
जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों से डीएपी और यूरिया के साथ महंगे नैनो उत्पादों की टैगिंग की शिकायतें मिल रही थीं। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अभियान केवल इफको केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में सभी निजी, सहकारी और इफको केंद्रों पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे। नियम विरुद्ध टैगिंग, ओवररेटिंग या कालाबाजारी मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और एफआईआर जैसी कार्रवाई की जाएगी।