फोटो 11 एचएएमपी 13- सूफी गंज तिराहा पर सजी टोपी व इत्र की दुकान। संवाद
- फोटो : कारीकोट के जमुनिहा गांव हाथी के उत्पात में बर्बाद हुई फसल।
हमीरपुर। ईद पर्व को लेकर शहर के सुभाष बाजार, सूफीगंज तिराहा सहित कस्बों व नगरों में स्थायी दुकानों के साथ ही पटरी दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। सुबह और शाम के समय रोजेदार इफ्तार, सहरी के साथ कपड़े, टोपियों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रुमाल व इत्र की महिलाएं जमकर खरीदारी कर रहीं हैं।
ईद की खरीदारी से बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। इस बार अफगानी टोपियों और अलसफा व अजरक रुमालों का क्रेज नजर आ रहा है। दुकानदार पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मंगा लिए हैं। युवाओं में अफगानी, तुर्की, कश्मीरी टोपियों का खासा क्रेज नजर आ रहा है, जबकि महिलाओं को हैदराबादी जूतियां, रुमालें अधिक पसंद आ रही हैं।
दुकानदार मो. सफीक अहमद ने बताया कि बाजार में सामान्य टोपियां 50 से 100 रुपये तक बिक रही हैं, जबकि अफगानी टोपियों की कीमत 120 से 150 रुपये तक है। तुर्की 150 रुपये तो कश्मीरी 130 से 140 रुपये तक की कीमत पर उपलब्ध है। वहीं, अलसफा रुमाल 250 तो अजरक 200 रुपये कीमत की है।
शहर के फुटवियर कारोबारी रफीक के अनुसार रमजान के चलते दिन में बाजार अपेक्षाकृत शांत रहता है, लेकिन सुबह और शाम के समय ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। महिलाओं के बीच हैदराबादी जूतियों की अच्छी मांग है।
बाजार में अलग-अलग डिजाइन और क्वालिटी की जूतियां 500 से 1200 रुपये तक में उपलब्ध हैं।