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Hamirpur News: दुष्कर्म के आरोप में बरी, अपहरण में आठ साल की सजा

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हमीरपुर। पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने बृहस्पतिवार को नाबालिग को अपहृत कर दुष्कर्म के आठ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया गया जबकि अपहरण का दोष साबित होने पर आठ साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अन्य धाराओं में भी सजा के साथ अर्थदंड लगाया गया।
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कुरारा थानाक्षेत्र निवासी महिला ने छह अप्रैल को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 13 साल की पुत्री 31 मार्च 2018 को घर से शाम के वक्त शौच के लिए निकली थी। इसके बाद वापस नहीं आई। मामले में पड़ोस के ही सोनू और उसके घर आने वाले बबलू पर बेटी को ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, अपहरण समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने विवेचना के आधार पर बबलू उर्फ भारत भूषण निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा जिला पीलीभीत के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए थे जबकि सोनू की नामजदगी को गलत पाया और फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
पीड़िता को पुलिस ने बरामद कर 161 व 164 के बयान दर्ज कराए। इसके बाद मुकदमा में गवाहों व साक्ष्यों को पेश किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पीड़िता और उसकी मां समेत गवाहों के बयान कराए। पीड़िता ने आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया लेकिन प्रतिपरीक्षा में उसने कहा कि मुख्य बयान परिवार के दबाव में दिया गया था। अदालत ने इस विरोधाभास को महत्वपूर्ण माना। इसी के आधार पर आरोपी को दुष्कर्म के मामले में बरी किया गया।
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इन धाराओं में हुई सजा व जुर्माना
धारा 363 भादंसं में पांच वर्ष कठोर कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादंसं में आठ वर्ष कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा आठ पाॅक्सो एक्ट में पांच वर्ष कठोर कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मां पर चलेगा झूठी गवाही का मुकदमा
पीड़िता की मां पर न्यायालय के समक्ष झूठा साक्ष्य व गवाही प्रस्तुत करने का मामला सामने आने पर न्यायाधीश ने मां के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। आदेश में मुकदमा चलाने की बात कही गई है।
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