फोटो 27 एचएएमपी 29- बैलगाड़ियों से जा रही बारात। संवाद
सरीला (हमीरपुर)। आधुनिक शादियों में लग्जरी गाड़ियों और भव्य आयोजनों के बीच मौदहा क्षेत्र के गुढ़ा गांव में संपन्न एक विवाह समारोह अपनी सादगी और पारंपरिक अंदाज के कारण चर्चा का विषय बन गया। दूल्हे की बरात करीब 25 बैलगाड़ियों के साथ गुड़ा गांव से फार्म हाउस तक निकाली गई, इसमें लगभग 200 बराती शामिल हुए।
बताया गया कि विवाह 25 फरवरी को दिन में हुआ। पूरी बारात बैलगाड़ियों से गुढ़ा गांव से फार्म हाउस तक पहुंची। बृहस्पतिवार को दुल्हन की विदाई बैलगाड़ी से ही नहीं हो सकी। बराती अन्नू दीक्षित ने बताया कि दुल्हन की विदाई कार से कराई गई। विवाह के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
दूल्हे के पिता जागेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आजकल शादियों में दिखावा बढ़ता जा रहा है, लेकिन उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति को प्राथमिकता दी। दुल्हन के पिता विवेक पाठक, निवासी जलालपुर थाना के भेड़ी डांडा गांव ने बताया कि विवाह केवल एक रस्म नहीं बल्कि संस्कार है। पारंपरिक रीति से मेहमानों का स्वागत किया गया और सभी को बैठाकर भोजन कराया गया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है।
दुल्हन मोहानी (20) ने बीए फाइनल की पढ़ाई पूरी की है। वहीं दूल्हा मोहित द्विवेदी, निवासी गुढ़ा गांव, आटोमोबाइल से संबंधित सामान की दुकान संचालित करने के साथ खेती-किसानी में भी परिवार का सहयोग करता है। पारंपरिक अंदाज में संपन्न यह विवाह समारोह क्षेत्र में ग्रामीण संस्कृति की मिसाल बन गया है।