हमीरपुर। गधों के कुचलने से घायल 10 वषीय बालक की कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने शनिवार की सुबह शव कालपी चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। प्रशासन से गधों को पकड़वाने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
सदर कोतवाली क्षेत्र के कजियाना मोहल्ला निवासी विनेश निषाद ने बताया कि वह सूरत में धागा फैक्टरी में काम करता है। मां बस स्टाप पर पॉपकॉर्न बेचने का काम करती हैं। 20 जुलाई को उनका बेटा सागर (10) के बाहर खेल रहा था। तभी एक गधे ने उसे दुल्लती मार दी। वह नीचे गिर पड़ा, तभी पीछे से आ रहे दो गधों ने उसे कुचल दिया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए। डॉक्टर कानपुर रेफर कर दिया। यहां हैलट में भर्ती कराया था। शुक्रवार को सागर की मौत हो गई।
शनिवार की सुबह शव गांव पहुंचने पर आक्रोशित परिजनों ने 9:45 बजे कालपी मार्ग पर जाम लगा दिया। गधों को पकड़ने व मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस ने जाम हटवाने का प्रयास किया तो महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर केडी शर्मा ने परिवारवालों को बात की। साथ ही गधों को पकड़वाने के लिए नगर पालिका को कहा। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सरकारी सहायता दिलाए जाने का आश्वासन
गधे-खच्चर पालकों की बुलाई बैठक, संरक्षित करने के निर्देश
नगर पालिका के हॉल में शहर के गधे-खच्चर व घोड़े पालकों को बुलाकर बैठक की गई। नगर पालिका के अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने बताया कि इस दौरान नौ पालक पहुंचे। जिन्हें निर्देशित किया गया कि इन्हें कहीं भी खुला न छोड़ा जाए। एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पर पैरों में रस्सी बंधी होनी चाहिए। बताया कि अगर गधे-खच्चर सड़क पर घूमते नजर आए तो इन्हें पास की गोशाला में बंद किया जाएगा। पहचान होने पर पालकों पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान सभी पालकों से उनके मोबाइल फोन नंबर व हस्ताक्षर भी कराए गए।
पीड़ित परिवार को सौंपे 16 हजार रुपये
नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उन्हें सहायता के रूप में 16 हजार रुपये भी दिए। साथ में भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील पाठक ने हरसंभव मदद दिलाए जाने की बात कही।