पौथिया (हमीरपुर)। बारिश की विदाई हो रही है और मौसम खुल रहा है। अब किसान रबी फसल के लिए खेतों की तैयारी में लग गया है पर किसानों को सिंचाई की चिंता सता रही है। सहुरापुर पंप केनाल से सिंचाई के लिए किसानों ने नहर को दुरुस्त करने की आवाज उठाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि नहरों में जगह जगह खांदियां कटी है और सिल्ट जमा है। अक्तूबर के दूसरे हफ्ते फसल की बुआई शुरू हो जाएगी।
तेज धूप से खेतों में जुताई करने का ताव आ गया है। इसके चलते किसान रबी फसल के लिए खेतों को तैयार करने में लगा है। अगर बुआई करने के पहले हल्की फुल्की बारिश नहीं हुई तो उन्हें नहराें पर ही निर्भर होना पड़ेगा। मगर नहरों की हालत देखकर किसान चिंतित है कि जब अभी तक नहराें की साफ सफाई व मरम्मत नहीं हुई है। गांव के किसान शुभकरण सिंह सचान, आनंद सचान, किशना प्रजापति, शहबान खां, शादिक खां, प्रागी व रामसिंह का कहना है कि लो वोल्टेज से निजात दिलाने के लिए सब स्टेशन की स्थापना की गई थी लेकिन इसे चालू नही किया जा सका है। लो वोल्टेज से पंप केनाल पूरी क्षमता से नही चल पाती है और किसानों को पर्याप्त पानी नही मिलता है और किसानों को कम उत्पादन होने के रूप में खामियाजा भुगतना पड़ता है। उधर लघु डाल नहर के अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि नहरों की सफाई व मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव डीएम के पास भेजा है। जैसे ही मनरेगा से बजट आवंटित होगा। तो नहरों की सफाई व मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पिछले साल एक नवंबर से नहर चालू की गई थी लेकिन वह प्रयास करेंगे कि अक्तूबर में ही नहर चालू हो जाए।
खराब मोटरों को दुरुस्त करें
पौथिया गांव के आशादीन वर्मा ने बताया कि पंप केनाल में 220 एचपी की चार मोटरें लगी है जबकि इमरजेंसी के लिए 170 एचपी की मोटर अतिरिक्त रूप से रखी जाती है। जो मौजूदा समय में खराब है। उन्होंने समय रहते सभी मोटराें को दुरुस्त कराने की मांग की है।
जगह-जगह खांदी कटी
रामसजीवन ने बताया कि पंप केनाल से मुख्य नहर के अलावा दो माइनरें निकली है। जिसमें एक माइनर पौथिया से महमूदपुर तक जाती है। जबकि दूसरी माइनर उजनेड़ी से धरमपुर तक जाती है। कभी भी इस पंप केनाल का पानी टेल तक नहीं पहुंचता है नहरों में जगह जगह खांदी कटी हुई है। साथ ही अभी तक सफाई का कार्य नही शुरू किया गया। उसने नहर को दुरुस्त करने की मांग की है।
बारिश न हुई तो नहर पर निर्भरता
किसान जगदेव ने बताया कि मौसम साफ हो चुका है और रबी के लिए खेतों की तैयारियां शुरू कर दी गई है। बुआई के समय एक पानी की जरूरत होती है। अगर बरसात नही हुई तो फिर नहर पर ही निर्भर होना पड़ेगा। इसलिए नहर को अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही हरहाल में चालू कर दिया जाए।
वेतन मिला नहीं काम ले रहे
सहुरापुर पंप केनाल में मजदूरी में लगे बेलदार देवसिंह, गंगादीन, बउआ व राकेश सचान का कहना है कि उन्हें चार माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे उनके सामने आर्थिक संकट है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उन लोगों से सिर्फ काम लेना चाहते है। वेतन देने के नाम एक दूसरे अधिकारी पर जिम्मेदारी डाल देते हैं।
मिट्टी को देखते 10 अक्तूबर तक चालू हो नहर
सहुरापुर पंप केनाल के सींचपाल भगवती प्रसाद का कहना है कि नहर को हरहाल में 10 अक्तूबर तक चालू कर दिया जाए। बुंदेलखंड में रबी की बुआई काली मिट्टी होने के चलते अक्तूबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाती है। अगर देर से बुआई हुई तो फरवरी में गर्म हवाएं चलने से समय के पहले ही फसलें सूखने लगती है। जिससे किसानों की फसलाें के पैदावार पर असर पड़ता है।
पंप केनाल की समस्या के लिए इनसे संपर्क करे।
अधिशासी अभियंता आरके सिंह- 9454414350
अवर अभियंता मुकेश वर्मा- 9454414387
सींचपाल भगवती प्रसाद पाल- 9695419246