हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक अधिकारी संवर्ग संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा दी गई पदोन्नतियों को चार वर्ष बीत जाने के उपरांत भी नियमित न करने पर रोष जताया है। ऐडहाक स्टापगैप आधार पर मुख्याध्यापकों को प्रधानाचार्यों के पद पर प्रमोशन तो दे दी गई, लेकिन अभी तक नियमित न होने से संघ के सदस्यों में रोष पनपना शुरू हो गया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग में अप्रैल 2008 से दिसंबर 2011 तक करीब 1600 पद मुख्याध्यापकाें एवं प्रवक्ताओं के ऐडहाक स्टापगैप आधार पर पदोन्नत किया गया था। लेकिन इसके बाद इन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में उपनिदेशकों के खाली पदों को भरने के लिए हैडमास्टर काडर से पदोन्नत नियमित प्रधानाचार्यों की कमी चल रही है।
संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री आईडी धीमान से इन पदोन्नतियों को नियमित करने की मांग उठाई है। उन्होंने मांग की है कि नियमितीकरण के लिए नियमों में एकमुश्त छूट दी जाए। प्रकाश ठाकुर ने कहा कि पदोन्नत प्रधानाचार्यों में से आधे से ज्यादा सेवानिवृत्त हो चुके हैं, और शेष सेवानिवृत्त होने वाले हैं। लेकिन उन्हें आज दिन तक नियमित नहीं किया गया। संघ ने शिक्षा विभाग से मुख्याध्यापकाें व प्रधानाचार्यों के रिक्त पड़े पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की मांग उठाई है। इसके साथ ही संघ ने प्रदेश सरकार का शिक्षा उपनिदेशकाें के दस पद सृजित करने पर आभार जताया। इस मौके पर उनके साथ संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, महासचिव उधम सिंह व वित्त सचिव राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।