राठ (हमीरपुर)। कसबे के दीवानपुरा मोहल्ले से चालीस दिन पहले अपह्त हुई नाबालिग का कोतवाली पुलिस पता नहीं लगा सकी है। कोतवाली में चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोतवाली पुलिस नींद में है। रविवार को पीड़ित पक्ष के एक दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस से अपह्त किशोरी को बरामद करने की गुहार लगाई है। परिजनों ने बताया कि आरोपी अपहरणकर्ता उसे राजीनामा करने का दबाव बनाते हुए जान माल की धमकी दे रहे हैं।
कसबे के दीवानपुरा मोहल्ला पुलिस चौकी के पास रहने वाली मीरा देवी पत्नी रामलखन यादव ने बताया कि उसकी पुत्री कक्षा 8 में पढ़ती है। बताया कि बीते 16 अक्टूबर की दोपहर जब उसकी पुत्री घर में अकेली थी। उसी दौरान देवी प्रसाद यादव पुत्र देवेंद्र यादव आया और उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसला कर उसे भगा ले गया। बताया कि आरोपी के कहने पर उसकी पुत्री सोने चांदी के जेवरात और नगदी भी ले गई थी। महिला ने बताया कि उसने 20 सितंबर को कोतवाली में देवीप्रसाद, प्रवेश कुमार, उमेश कुमार सहित चार लोगों के विरुद्ध उसकी पुत्री को भगाकर ले जाने और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोतवाली पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते एक महीना से अधिक का समय गुजर चुका। लेकिन कोतवाली पुलिस उसकी लड़की को बरामद नहीं कर सकी है। लड़की की मां और पिता रामलखन ने बताया कि आरोपी उसकी पुत्री को किसी गलत धंधे या फिर उसकी हत्या कर सकते हैं। आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक आरोपियों के यहां कोई दबिश नहीं दी। जिसके चलते आरोपी युवक खुलेआम घूम रहा है। बताया कि आरोपी युवक राजीनामा का दबाव बना रहा है। राजीनामा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। घटना की विवेचना कर रहे एसआई श्रीमौर्या ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। बताया कि सभी आरोपी फरार हैं।